दिलीप सिंह भूरिया
अलीराजपुर ब्यूरो चीफ लगातार जोबट तहसील के ग्रामों में घटनाएं हो रही है जिसके कारण ग्रामीण और बाहरी लोगो मे लगातार एक माह से टकराव मारपीट और अन्य घटनाएं हो रही है जिले में जिन ग्रामों को खनिज ब्लॉक घोषित कर सबसे पहले नीलामी की प्रक्रिया की कार्यवाही करवाना और फिर ग्रामीणों के आक्रोश के बाद नीलामी निरस्त करवाना और फिर लगातार आदिवासी क्षेत्रों में बाहरी लोगो का सर्वे के नाम पर घूमना आम आदिवासी क्षेत्रों में लगातार गाड़ियों सहित घूमना जबकि आदिवासी क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों का किसी भी प्रकार से सर्वे करना या घूमना पैसा कानून के तहद बंद है

किसी भी बाहरी व्यक्ति या अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी गतिविधि को ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित करने से पूर्व ग्राम की समिति से अनुमति लेना अनिवार्य है फिर भी लगातार बाहरी लोगो का आना कही ना कही अलीराजपुर जिला प्रशासन इन आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों जिनको अभी खनिज ब्लॉक घोषित किया है लगातार आना जाना रहेगा तो आक्रोशित आदिवासी समाज के ग्रामीण उनके साथ मारपीट कर रहे है और जबरन कही ना कही खनिज ठेकेदार जबरन इन भाड़े के लोगो को क्षेत्र में भेजकर कोई बड़ी घटना करवाना चाहते है जिससे की आदिवासी ग्रामीण किसी बड़ी घटना को अंजाम दे और फिर वह प्रशासन की मदद से इन आदिवासी ग्रामीणों को अपराधी घोषित करवा कर उन पर कार्यवाही करवाकर गांव के गांव खाली करवाने की मंशा पालकर सारी गतिवधिया संचालित हो रही है ।जिले में उत्तरप्रदेश से आकर लोग ग्रामीण इलाको में घूम रहे है व चुनावी सर्वे कर रहे है जिला प्रशासन का नेटवर्क क्या कर रहा है क्या कोई बड़ी साजिश तो नहीं हो रही कही कोई बड़ी घटना तो नही करना चाहते कल की घटना में जिन लोगो को ग्रामीणों ने पकड़ा उनके आधार कार्ड के अनुसार उत्तरप्रदेश के निवासी को इन ग्रामीण क्षेत्रों के खनिज ब्लॉक का पता केसे मिला साथ ही उनके साथ कल ग्रामीणों ने जो मारपीट के साथ विरोध किया पुलिस प्रशासन और राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने उनको अपनी सुरक्षा में लाकर जोबट थाने लेकर गए जिसके बाद आज कार्यवाही के लिए जोबट थाने पर आदिवासी ग्रामीणों को बुलाया ।जिससे प्रतीत होता है की कुछ जिले के राजनेताओंकी मिली भगत से जिले के इन आदिवासी क्षेत्रों को जानबूझकर संवेदन शील क्षेत्र बनाने का काम किया जा रहा है जिससे आदिवासी क्षेत्रों को बाद में खाली करवाया जा सके । प्रशासन में बैठे अधिकारीयो का कहना है कि यह जो टीम आयी थी वह चुनाव के एक्जिट पोल की जानकारी निकलने वाली टीम थी परंतु ग्रामीणों का आरोप है कि टीम चुनावी सर्वे के लिए आई थी तो मकानों के रहने वाले लोगो के पास जाना चाहिए यह खेतो में क्यों घूम रहे थे । प्रशासन की अनदेखी ना बन जाने कोई बड़ी घटना ।