रिश्वतखोर सब इंजीनियर प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल करता हुआ..
टोपीबाज सब इंजीनियर एचपी स्वर्णकार का रिश्वत लेते वीडियो हुआ वायरल क्या प्रदेश के मुखिया चुनाव के पहले लेंगे इंजीनियर पर एक्शन..?
झाबुआ। कुछ ही माह में विधानसभा चुनाव संपन्न होना है। ऐसे में प्रदेश सरकार फूक फूक कर अपने कदम रख रही हैं। ताकि विपक्ष चुनाव के वक्त कोई मुद्दा ना बनाएं परंतु शिवराज सरकार में बैठे निठल्ले अधिकारी अपनी हरकतों से बात नहीं आ रहे। आज भी रिश्वतखोरी का खेल बदस्तूर जारी है जिसे रोकने रोकने वाला यहां कोई नहीं है जबकि प्रदेश के मुखिया गुंडे बदमाश और रिश्वतखोरों पर कार्यवाही करने की बात कर रहे हैं और तत्काल एक्शन मोड पर काम कर रहे हैं । लेकिन अब भी उनके अधीनस्थ विभागीय अधिकारी रिश्वत लेने से बिल्कुल भी नहीं डर रहे हैं । ऐसा ही एक वीडियो झाबुआ जिले में वायरल हुआ है जिसमे मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संस्थान मर्यादित भोपाल द्बारा अलिराजपुर जिले के अंतर्गत 200 मेट्रिक टन गोडाउन निर्माण कार्य में बिलिंग और भुगतान के एवज में राशि लेते हुए सब इंजीनियर का वीडियो हुआ सीसीटीवी में कैद वीडियो में टोपी पहने टोपीबाज सबइंजीनियर स्वर्णकार रिश्वत लेते हुए स्पष्ट तौर पर दिखाई दे रहा है। ये मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संस्था जहांगीराबाद भोपाल द्वारा फॉर्म एच एम गादीया मेन रोड कालीदेवी को अलिराजपुर जिले के जोबट ,बरझर, कनवास, आमखूट में टेंडर स्वीकृत होने पर 200 मेट्रिक टन गोडाउन निर्माण का का आदेश 12 मई 2021 को जारी किया गया । प्रत्येक गोडाउन की लागत 33 लाख 44 हजार है फार्म के प्रोपराइटर ने विभागीय सब इंजीनियर एच.पी.स्वर्णकार पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए बताया कि सब इंजीनियर ने कार्य प्रारंभ होने से पहले निर्माण स्वीकृति के नाम पर कार्यादेश अनुसार 4% राशि 5 लाख 35 हजार की मांग की । इसके अलावा एक और अन्य बिचोलीया अतुल लेखी ने भी चेक अमाउंट पर 10% राशि की मांग की थी । फर्म द्वारा मांगी गई रिश्वत इसलिए दी गई क्योंकि मटेरियल भुगतान और मजदूरी का भुगतान देना था इसके अलावा सब इंजीनियर स्वर्णकार ने पुन: गोडाउन निर्माण कार्य कंप्लीट होने पर 1 लाख 20 हजार प्रति बिल्डिंग के हिसाब से पुन: 4 लाख 80 हजार रुपए रिश्वत की मांग की । जोकि चेक अमाउंट 10% राशि के अलावा चार लाख 80 हजार रुपए भी रिश्वत के तौर पर दिए गए । इसके बाद भी सब इंजीनियर स्वर्णकार का मन नहीं भरा और पुन:ठेकेदार से बिल्डिंग हैंडओवर के नाम पर राशि रुपए 50 हजार रुपये प्रति बिल्डिंग के हिसाब 2 लाख रिश्वत की मांग की जिसका वीडियो ठेकेदार द्बारा सीसीटीवी में रिकॉर्ड किया और उपरोक्त वीडियो में टोपी पहने हुए सब इंजीनियर एचपी स्वर्णकार रिश्वत लेते हुए कैद हुआ । प्रश्न यह है कि क्या प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान अपने अधीनस्थ रिश्वतखोर कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई करेंगे या फिर यह रिश्वखोर कर्मचारी यूं ही ठेकेदारों को परेशान करते रहेंगे.? इससे कहीं ना कहीं प्रदेश सरकार की छवि भी धूमिल होती दिखाई पड़ रही है क्योंकि विपक्ष तो टोपी बाज सब इंजीनियर का ठीकरा प्रदेश सरकार पर ही पड़ेगा ऐसे में कहीं ना कहीं प्रदेश सरकार की छवि धूमिल होगी इसलिए प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को तत्काल ऐसे मामले में एक्शन लेना होगा