मैं हु जब तक मा….वी सुरक्षित रहेगा।
देखते है असली आयने के सामने कब तक टिकती है जप की चाटुकारिता…..
लक्की राठौड़ बरवेट
मामला वही मालवी पुराण से जुडा है,,अपनी हरकतों और गलत संस्कारो से शरीफों में धमक पैदा करने वाला यह कर्मचारी,,अब बचने का नया पैंतरा आजमा रहा है,,अबकी बार साहब ने नया दांव खेला है….दरअसल साहब ने एक कलमकार के कंधे पर बंदुक धर दी है और बेचारे को कमलकार से चाटुकार बना दिया है….और चाटुकार भी ऐसा कि इस मामले में खुद मालवी जितना लोड नहीं ले रहा उससे कहीं ज्यादा फिक्र बेचारे चाटुकार को हो रही
है….हालांकि इन दोनों का मिलकर प्लान था कि मास्टरों के गलतियां पकड़ने और लक्ष्मी को प्रसन्न करेंगे…पर यह सब हो ना सका,,, उल्टा मा…वी को बचाने के लाले पड़ने लग गए,, तो आप कहते हैं कि जब तक मैं हूं जब तक मा…वी का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता… हालांकि यह भी एक गलतफहमी है….. क्योंकि हमने स्थानांतरण करवाने की कोई दलील नहीं दी है….. हम यह भी जानते हैं कि यह शख्स पहले से सस्पेंडेड है…. यदि कोई आवश्यकता लगी तो वह कच्चे चिट्ठे भी खोले जाएंगे…. साथ में चाटुकार के भी सोलिड पंचनामे बनेंगे….