झाबुआ। यूं कहें तो ईसाइ समाज का एक बडा वोट बैंक माना जाता है… जो सरकार बनाने और गिराने में अहम भूमिका रखता है… और कहा जाता है इस वोट बैंक की वजह से ही कांग्रेस के जेवियर मेडा एक बार विधायक बने है… पिछले चुनाव में जब जेवियर मेडा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खडे हुए थे तो बताने वाले बताते है एक अच्छा वोट बैंक उन्हें मिला था। लेकिन पीछले काफी समय से उनका विरोध हो रहा है… और जेवियर को नकारते हुए विरोध स्वरूप कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिख डाला…।
समाज ने कडा विरोध जताते हुए कमलनाथ को पत्र में लिखा कि समाज कि किसी भी गतिविधि में जेवियर शामिल नही है और ना ही इनका रजिस्टेªशन है… समाज राजनैतिक रूप से जेवियर मेडा का समर्थन नही करता है… जेवियर मेडा का ईसाइ समुदाय से धार्मिक व सामाजिक रिश्ता नही है…. समाज के प्रबुद्धजनों का कहना है कि जब वोट लेने का समय आता है तो जेवियर ईसाइ बन जाता है… वहीं दुसरों को सामने ये कहता है मैं ईसाई नही हुं… मेरा नाम जेवियर है… समाज जब परेशानियों से घिरा हुआ था… तब भी किसी ने कोई मदद नही की… ऐसे में अब ईसाइ समाज स्वतंत्र प्रत्याशी इस विधान सभा चुनाव में उतारेगा… अगर कांग्रेस जेवियर को टिकट देती है… तो उसका ईसाइ समुदाय विरोध करता है..!
ये विरोध ईसाइ समाज के सभी पंथों द्वारा किया जा रहा है… क्योंकि विगत कुछ वर्षो से ईसाइ समाज पर काफी अत्याचार होते आ रहे है… बिना वजह समाजजनों को अपराधी बताकर प्रकरण भी बने… लेकिन किसी ने उनका समर्थन नही किया… ऐसे में अब समाज को आगे आना पडेगा… और अपने हितों के लिए लडना होगा..!