आदिवासी युवक पर पेशाब करने वाला कथिक नेता गिरफ्तार।

वॉइस ऑफ झाबुआ।
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी युवक पर पेशाब करने वाले आरोपी प्रवेश शुक्ला को मंगलवार देर रात पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है,जल्द इस मामले में नया खुलासा हो सकता है। वहीं पीड़ित आदिवासी युवक ने इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो को फर्जी करार दिया है, इसके लिए उसने बकायदा एक हलफनामा भी दायर किया है।वही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस पूरे मामले पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक बेहद अमानवीय और शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एमपी के बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि बताए जा रहे प्रवेश शुक्ला एक आदिवासी युवक पर पेशाब करते दिखाई दे रहे थे। ये वीडियो सीधी के करोंदी गांव का है जो 6 दिन पुराना बताया जा रहा है। इसमें एक आदिवासी कोल युवक दशमत रावत (30) जमीन पर बैठा दिखाई दे रहा है और उसके मुंह पर प्रवेश शुक्ला पेशाब करते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। कहा जा रहा है कि उसने अपनी मजदूरी मांगी थी, जिसके बाद प्रवेश शुक्ला इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने य हरकत कर डाली। हालांकि विधायक केदार शुक्ला ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि सीएम ने भी मुझसे पूछा था तो मैंने उन्हें बताया कि वो मेरा प्रतिनिधि नहीं है।
सीएम ने दिए थे अपराधी को कठोरतम सजा देने के निर्देश
इस वीडियो के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है, हालांकि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सीधी मामले में अपराधी को कठोरतम दण्ड देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में अपराधी को कड़ी से कडी सजा दी जाए। अपराधी की न कोई जाति, न धर्म और न कोई पार्टी होती है। अपराधी केवल अपराधी होता है। उन्होंने कहा कि आरोपी को ऐसी सजा दी जाएगी जो उदाहरण बने।वही बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि सीधी की घटना दुर्भाग्यजनक और निंदनीय है, ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जायेगा।
आरोपी पर एफ.आई.आर. दर्ज
मामला सामने आने का बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर सीधी जिले के वायरल वीडियो के संबंध में पुलिस प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, इसके बाद सीधी जिले में युवक के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करने पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज किया है। धारा 294, 504 एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पीड़ित का इंकार, शपथ पत्र वायरल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीड़ित दशमत रावत का एक शपथ पत्र भी सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो झूठा और फर्जी है। प्रवेश शुक्ला ने उसके साथ ऐसा कोई कृत्य नहीं किया है। आदर्श शुक्ला और उसके अन्य साथी ने उस पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने का दबाव बनाया था, इसके एवज में पैसे देने की बात कही थी। प्रवेश शुक्ला की छवि खराब करने के लिए यह फर्जी वीडियो बनाया गया था।वही इस शपथ पत्र के इंटरनेट पर वायरल होने पर देर रात जिला पंचायत सीइओ राहुल धोटे ने बहरी थाना पहुंचकर पीड़ित से बात की कि वह किसी के दबाव में है वह ऐसा क्यों शपथ पत्र दिया है तब पीड़ित ने कहा है कि वह किसी के दबाव में नहीं है।