खनिज विभाग अधिकारियों और खनिज माफियाओं की मिलीभगत से राजस्व को हो रही हानी
खनिज विभाग अधिकारियों की मिलीभगत से टेंडर पूर्ण हो जाने के बाद भी डस्ट उठाई जा रही
खनिज अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी एक दूसरे के ऊपर ढोला जा रहा कार्रवाई के नाम पर सब पीछे हट रहे
सरपंच प्रतिनिधि ने माल उठाने पर लगवाई थी रोक परंतु वापस से माल खनिज माफिया द्वारा उठाया जा रहा है

थांदला की ग्राम पंचायत मोरझरी में दिल्ली मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस हाईवे रोड पर क्रेशर प्लांट बघेल कंस्ट्रक्शन का था जो डस्ट (वेस्ट मटेरियल) पड़ा था ‘ उसको जूनी रंभापुर के एक व्यक्ति ने 4000 घन मीटर के आधार पर लिया था ‘ प्रती घन मीटर 120 रु/ के अनुसार खनिज विभाग को 4,80,000 रू जमा किए ‘ लेकिन वेस्ट मटेरियल तीन जगह पर पड़ा हुवा है लेकिन रॉयल्टी भरने वाले व्यक्ति ने 4000 घन मीटर की जो रॉयल्टी भरी थी ‘ उससे अधिक डस्ट (वेस्ट मटेरियल) उठा लिया गया जिसकी शिकायत. ग्राम पंचायत मोरझरी के सरपंच प्रतिनिधि ने पहले उठाई और उसकी शिकायत 181पर की थी, लेकिन खनिज विभाग ने उसपर भी कोई कारवाई नहीं करी ‘ एक दिन फिर सरपंच प्रतिनिधि एवं ग्रामीण जनों ने इसका विरोध जताया और डस्ट ना उठाने दिया गया मध्यप्रदेश गोण खनिज नियम 1996 के नियम 68(6)के तहत (1 महीने की अवधि के अंदर मैटेरियल उठाने का था) लेकिन एक ढेर पहले उठाया लिया गया और अब दूसरे दो ढेर , उठाये जा रहे हैं ‘ जिसकी 1 महीने की ही समय सीमा थी लेकिन आज 2 महीने से अधिक,समय हो गया हे लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी इन खनिज माफिया उसे साथ गाठ कर आंख मूंद कर बैठे हे और राजस्व को हानि पहुंचाने में लगे हे सरपंच और मटेरियल उठाने वाले व्यक्ति के साथ कई बहस भी हुई , लेकिन मटेरियल उठाने वाला व्यक्ति मान ही नहीं रहा , सरपंच ने पैसा कानून के अनुसार कहा कि ग्राम पंचायत, ग्राम सभा की परमिशन के बिना आप मटेरियल कैसे ले जा रहें ‘ आपको किसने परमीशन दी ‘ आपको परमिशन तो सिर्फ 4000 घंन मीटर डस्ट की थी
बघेल कंस्ट्रक्शन के अधिकारियों से बात करी गई तो उनका कहना है कि टीटू के ढाबे (मोरझरी) के पास पड़ा डस्ट अनुमानित 32000 हजार टन से अधिक था 8 लेन रोड पर पड़ा डस्ट अनुमानित 10000 टन था ‘
इसके बाद कोकिंदा पहाड़ के नीचे पड़ा डस्ट अनुमानित तौर पर 6000 हजार टन था ‘कुल मिलाकर डस्ट 48000 हजार टन था ‘लगता है सीधा सीधा खनिज विभाग और मटेरियल उठाने वाले व्यक्ति की मिलीभगत से सब कुछ हो रहा ‘ जिसमें सरपंच और ग्रामीणों ने विरोध करने के बाद भी नहीं रुका सरकार और खनिज विभाग और जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे , खनिज माफिया ‘
इतना सब कुछ होने के बाद खनिज विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है या फिर लगता है खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों और खनिज माफियाओ की तगड़ी सेटिंग होई हे जिस कार्ड कोई भी इस और ध्यान दे ने को तयार नही हे सूत्रो से खबर यह है कि सरपंच प्रतिनिधि द्वारा मटेरियल उठाने पर रोक लगा दी थी परंतु वापस से मटेरियल उठाना शुरू करदिया गया हे इसकी पूरी सेटिंग एक शराब माफिया द्वारा की जा रही है जिसकी खबर सबूत सहित अगले अंक में प्रकाशित की जाएगी अब देखना हे की जिला प्रशासन क्या एक्शन लेता है ‘या फिर पूरा मामला रफा-दफा हो जाएगा?
जिम्मेदारों का कहना
जब हमने इस संदर्भ में खनिज विभाग अधिकारी राकेश कनेरिया से बात की गई तो उनके द्वारा हमें बताया गया कि मैं भी दो-तीन महीने से छुट्टी पर चल रहा हूं और इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है जब हमने वहां पर पदस्थ अधिकारी के नंबर मांगे गए तो उनके द्वारा हमें टालमटोल कर दिया गया
जब हमने कलेक्टर तन्वी हुंडा से दूरसंचार पर बात करने की कोशिश की गई तो उनके द्वारा हमारा कॉल अटेंड नहीं किया गया जिस कारण हम उनसे इस संदर्भ में जानकारी नहीं ले पाए
जब हमने इस विषय पर सांसद गुमान सिंह डामोर से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया है कि इस मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं थी आपने अवगत करवाया है तो मैं इस विषय में कलेक्टर मैडम से जरूर बात करूंगा और इस प्रकार की कोई भी अवैध गतिविधियां चल रही होगी तो उस पर जरूर कार्रवाई करवाऊगा
सांसद गुमान सिंह डामोर