
काकनवानी – आज के समय में शिक्षित होना बहुत ही आवश्यक है। शिक्षा से मानव जीवन का ही विकास नहीं होता बल्कि ही शिक्षा से व्यक्ति के समाज और उसके देश का विकास भी होता है। शिक्षा की इतनी महत्ता के चलते सरकार द्वारा विभिन्न योजनाए चलायो जाती है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए अलग अलग सुविधाओं को प्रदान कराती है। इसी उद्देश्य के साथ मध्य प्रदेश की निशुल्क साईकिल वितरण योजना की शुरुआत की गयी है। इस योजना में छात्रों को साइकिल वितरित की गई है । कुछ साइकिल अभी वितरित नहीं हो पाई है जो कि स्कूलों में रखी हुई है अब उन्हीं साइकिल को काकनवानी शासकीय शिक्षकों के द्वारा बेचने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी कई प्रकार की शासकीय शिक्षकों के द्वारा साईकिल बेचे जाने की पोस्ट अपलोड की गई है।
वहीं कुछ बच्चों का कहना है कि उन्होंने साइकल काकनवानी में डूंगरीपाड़ा रोड स्थित शासकीय हाई स्कूल के शिक्षक से खरीदी गई है। बच्चों के मुताबिक साइकिल 1500 रुपए में बिक रही है।
अब यह जांच का विषय है कि क्या वाकई में शासकीय शिक्षक बच्चों को वितरित की जाने वाली साईकिल हो को 1500 रुपए में बेच रहे हैं। अब देखने वाली बात यह रही कि शिक्षा विभाग की ओर से किस प्रकार से जांच की जाती है क्या दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई की जाती है या फिर सिर्फ लीपापोती कर मामला को रफा-दफा कर दिया जाता।
काकनवानी के रहने वाले संतोष डामोर ने बताया कि शासकीय हाई स्कूल काकनवानी के शिक्षक सरकार के द्वारा निशुल्क छात्र छात्राओं को साइकिल वितरित करने के लिए आई थी जो शिक्षकों के द्वारा 1500 सो रुपए में बेची जा रही है। और कहीं शिक्षक ऐसे हैं जो अपने घर पर स्कूल की टेबल कुर्सी ले जाकर इस्तेमाल कर रहे हैं। बड़े अधिकारियों को इसमें निष्पक्ष जांच करना चाहिए।
इस प्रकार की कोई भी खबर उनके पास नहीं है कक्षा 9वी के बच्चों की साइकिल वितरित करने की रखी हुई है। मैं स्कूल में रखी हुई साइक्लो की गिनती करवाता हूं।
बहादुर चरपोटा
हाई स्कूल प्राचार्य काकनवानी