सनसनी एवं जघन्य प्रकरण में हत्या के आरोपीगणों को आजीवन कारावास
सरदारपुर।सनसनी एवं जघन्य प्रकरण में हत्या के आरोपीगणों को आजीवन कारावास से
दण्डित किये न्यायालय निरंजन कुमार पांचाल अपर सत्र न्यायाधीश सरदारपुर दिनांक 23-05- 2023 को निर्णय पारित करते हुए आरोपीगण लक्ष्मण पिता बालुजी देवडा उम्र 60 साल नि. रतनपुरा,प्रकाश पिता लक्ष्मण देवडा उम्र 22 साल नि. रतनपुरा ,फुलीबाई पति लक्ष्मण देवडा उम्र 55 साल, माया पिता लक्ष्मण देवडा उम्र 23 साल नि. रतनपुरा को आजीवन कारावास से दण्डित किये । अभियोजन अधिकारी बी. एस. बिलवाल ने बताया कि फरियादी ग्राम रतनपुरा रहता हूँ। खेती किसानी का काम करता व मोतीलाल चौयल व लक्ष्मण देवडा के
खेत पास-पास में है। आज से करीब तीन-चार महिने पहले मोतीलाल व उसके भाई नारायण के खेत के मेड से लक्ष्मण
ने पेड काट लिये थे जिसका झगडा हुआ था तब से मोतीलाल व लक्ष्मण का आपस में झगडा चल रहा था । तभी दिनांक 14.03.2021 सुरेश पिता कानालाल, गणपत पिता लालुजी जाति सिर्वी तीनों खेत पर खडे थे। मोतीलाल पिता मांगीलाल चौयल निवासी रतनपुरा का मोटर सायकल से अपने खेत के पास पहुचा वैसे ही पूर्व रंजिश को लेकर लक्ष्मण ने मोतीलाल को
दाहिने तरफ आंख के पास लट्ठ मारा तो मोतीलाल मोटर सायकल से गिर गया, इतने में पास में खड़े माया पिता लक्ष्मण, फुलीबाई पति लक्ष्मण, प्रकाश ने भी मोतीलाल को लात मुक्को एवं पत्थरो से मारपीट कर सिर पेट एवं शरीर पर चोट पहुचायी इस पर सुरेश, गणपत व विजय दौडकर गये ओर मोतीलाल को बीच-बचाव कर छुडाया, मोतीलाल का लडका ओमप्रकाश चौयल व गांव का रमेश चौयल,
दीपक चौयल गाडी लेकर मौके पर आये जिनको घटना की बात बतायी फिर मोतीलाल को रमेश की गाड़ी में बैठाकर
अस्पताल सरदारपुर लाये वही डॉक्टर ने देखकर बताया की मोतीलाल की मौत हो गई
विचारण के दौरान न्यायालय में मामले को प्रमाणित करने के लिये अभियोजन की ओर से
प्रस्तुत अभियोग पत्र के अनुसार साक्ष्यों के साक्ष्य कराये गये एवं लिखित बहस प्रस्तुत कि गयी जिसे प्रमाणित मानते
न्यायालय ने आरोपीगण लक्ष्मण पिता बालुजी देवडा उम्र 60 साल नि. रतनपुरा ,प्रकाश पिता लक्ष्मण देवडा उम्र 22 साल नि. रतनपुरा ,फुलीबाई पति लक्ष्मण देवडा उम्र 55 साल , माया पिता लक्ष्मण देवडा
उम्र 23 साल नि. रतनपुरा को आजीवन कारावास से दण्डित किये गये ।प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन पी.एल. मेडा एवं फरियादी की ओर से अधिवक्ता श्रीश दुबे एवं मनोज कांग सिर्वी द्वारा सहयोग किया गया ।