


झाबुआ। 12 मई व 13 मई 2023 की मध्य रात्रि में कुछ अज्ञात नकाबपोश बदमाश चोरों ने झकनावदा स्थानीय बस स्टैंड जो कि गस्त पॉइंट कहा जाता है कि कुछ ही दूरी पर एक मकान के बाहर की शटर का ताला तोड़ने की कोशिश की गई। लेकिन ताला तो टूट गया सटर उठाने में चोर असक्षम रहे। वहां से चोर भागकर इंदिरा कॉलोनी स्थित डा. मोहनसिंह चौहान के घर के पीछे से दीवार कूदकर अंदर घुसे जहां मकान के पीछे के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरा लगा था चोरों ने सीसीटीवी कैमरे का मुंह घुमा दिया जिसके बाद लोहे के गेट का ताला तोड़कर दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन वहां भी असफल होने से पास ही में सरस्वती शिशु मंदिर का ताला तोड़कर बदमाश चोर स्कूल के अंदर घुसे लेकिन वहां उन्हें कोई उपयोगी वस्तु नहीं मिलने से वह वहां से भी खाली लौट गए। लेकिन जाते-जाते वह अपने साथ लाए लोहे का सरिया वहीं पर भूल गए जिससे उन्होंने ताला तोड़ा था।जिसके बाद चोर भागते भागते मधु कन्या नदी के तट पर स्थित चेतन माली की दुकान पर पहुंचे जहां चोरों ने ताला तो तोड़ दिया वह दुकान की शटर को उठाने ही वाले थे कि अचानक वहां भी कोई हलचल उन्हें सुनाई दी तो वह वहां से भी खाली हाथ भाग निकले।जिससे उन्होंने ताला तोड़ा था। उसी रात इंदिरा कॉलोनी में बंगाली डॉक्टर मंडल जो कि यहां पर नहीं था मौका देख कर उसके यहां पर ताला तोड़कर घर के अंदर घुस गए चोरी को अंजाम दिया सुबह यह बात मंडल के साले को पता चली तब उन्होंने आकर देखा और पुलिस चौकी झकनावदा पर आवेदन पेश किया
*सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना*
घटना घटित होने के बाद चौकी प्रभारी के द्वारा स्थानीय बस स्टैंड पर लगे कमरों की फुटेज देखी गई जिसमें नकाबपोश कुछ अज्ञात बदमाश गोविंद मनावत की शटर का ताला तोड़ते नजर आ रहे हैं। इसको को लेकर पुलिस जांच में जुटी है।

*रात्रि गस्त बनी औपचारिकता*
प्रतिदिन चार पुलिस के चार पहिया वाहन से रात्रि में गस्त तो को जाती है। जिसमें चौकी प्रभारी 9 बजे से 11 बजे तक स्वयं रोड गस्त पर निकलते हैं। लेकिन रात्रि में 12 बजे बाद गस्तक के नाम पर पुलिस के चार पहिया वाहन में मात्र ड्राइवर गस्त करते नजर आता है उसमें ना तो कोई पुलिस का जवान होता है ना कोई जवाबदार। अगर इसी प्रकार जवाबदार अपनी जवाबदारी का निर्वाह करेंगे तो झकनावदा क्षेत्र में कोई बड़ी घटना होने का अंदेशा नजर आ रहा है। क्योंकि चार पहिया वाहन में रात्रि में गस्त के नाम पर ड्राइवर के भरोसे पुलिस रहती है वह ड्राइवर भी केवल अपने चार पहिया वाहन में सायरन बजाकर नगर में घूमता रहता है। नगर के मुख्य चौराहे पर अगर गाड़ी रोक कर इधर-उधर गली में पैदल गस्त की जाए तो शायद इस प्रकार की कोई बड़ी चौरी ,डकैती,लूट जैसी घटना होने से बचा जा सकता है।

*बड़ा सवाल यह है?*
पुलिस के द्वारा स्थानीय बस स्टैंड पर गश्त के लिए पॉइंट बनाया गया है लेकिन उस पॉइंट पर पुलिस क्यों नहीं बैठती अगर रात्रि में वहां पुलिस उपस्थित होती तो शायद स्थानीय बस स्टैंड गस्त पॉइंट से कुछ ही दूरी पर इस प्रकार का कृत्य रात में घटित ना होता।
*बरतनी चाहिए शक्ति*
रात्रि में बिना नंबर की कई चार पहिया दोपहिया वाहन गाड़ियां रोड पर घूमती रहती है लेकिन पुलिस इन पर कोई निगरानी नहीं रखती ना ही उनसे किसी प्रकार की कोई पूछताछ करती है।
*अवैध शराब माफियाओं पर अंकुश लगाना आवश्यक*
अक्सर देखा जाता है लूट चोरी जैसी घटनाओं में युवा पीढ़ी ज्यादा पकड़ में आ रही है। अगर अवैध शराब जैसे पदार्थों का खुलेआम बिकने पर प्रतिबंधित किया जाए तो युवा पीढ़ी इस नशे के दलदल से बच सकेगी। युवा पीढ़ी नशे का आदी होने के बाद अगर उन्हें रुपए नहीं मिलते हैं तो वह शराब के नशे में इस प्रकार का कृत्य चोरी लुट आदि जैसे घटना को अंजाम देते है।
*चैन,मंगलसूत्र, पर्स हुए चोरी*
12 मई को श्री 108 अति महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति में भी जीएस मावी अपने दल बल के साथ ड्यूटी पर थे लेकिन वहां भी कई श्रद्धालुओं का कहना है कि जेब कतरों ने कई लोगों के जेब काटकर रुपए चुरा लिए। वाकई माताओं एवं बहनों की चैन मंगलसूत्र भी चोरी हुए हैं। पुलिस की मौजूदगी में इस प्रकार की घटना को चोरों द्वारा अंजाम देना कहीं ना कहीं चोरों में पुलिस का खौफ कम नजर आ रहा है।
*क्या कहते है जवाबदार*
नगर में एक ही रात में चार जगह ताले टूटने जैसी घटना को लेकर नगर की मीडिया द्वारा चौकी प्रभारी जी. एस.मावी से चर्चा करने पर उनका कहना है कि आपकी मर्जी आए वह प्रकाशित करो मेरे पास इस बात को लेकर कोई जवाब नहीं है।