
अविनाश गिरी
थांदला जेसे के हम सब अपने बच्चो के उज्वल भविष्य के लिए उन्हें हम अच्छे से अच्छे प्राइवेट स्कुल में भेजना चाहते हे क्यो की हमारे यहां के सरकारी स्कुलो की हालत राम भरोसे चलती हे जहा पर सरकारी टिचरो को सरकार 70 से 80 हजार की सेलरी दे रही हे परंतु पढ़ाई के मामले में फीसडी साबित होती दिखाई दे रही है,साथ ही सरकार शिक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए भी खर्च कर रही हे परंतु उन पेसो का सही इस्तमाल नही हो पाता हे और ये पैसा अधिकतर भ्रष्टाचार की भेट चढ़ जाता हे,इसके कारण भी गरीब कस्बे के लोग भी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में ही पढ़ाना चाहते हे,जिसको देखते हुवे प्राइवेट स्कुल संचालकों ने शिक्षा को ही व्यापार बना लिया गया है नगर में कई ऐसी प्राइवेट स्कुले संचालित हो रही हे जिसमे कई प्रकार की अव्यवस्था है
थांदला नगर की संस्कार पब्लिक स्कुल में भी अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है,जिसे आज तक बीआरसी संजय सिकरवार द्वारा अव्यवस्थाओ को चेक तक नहीं किया गया,बस कागजों में खानापूर्ति कर दी जाती है
और बीआरसी द्वारा इन प्राइवेट स्कूल संचालकों से लेनदेन कर अपनी जेबें भर ली जाती है जिस कारण प्राइवेट स्कूल संचालक अपनी मनमानी पर मनमानी किए जा रहे हैं यदि इन प्राइवेट स्कूलों का सही से अधिकारियों द्वारा जांच की जाए तो इन स्कूलों को संचालित भी नहीं किया जा सकता इतनी इन स्कूलों में अनियमितताएं बनी हुई है l
संस्कार पब्लिक स्कूल मैं इस प्रकार से हे अनियमितता
1 संस्कार पब्लिक स्कूल के पास बच्चों के खेलने के लिए ग्राउंड की सही से कोई व्यवस्थाएं नहीं
2 संस्कार पब्लिक स्कूल संचालकों को इतना भी होश नहीं के स्कूल में मधुमक्खियों के छत्ते छतों पर लग रहे हैं किसी भी दिन बड़ा हादसा होने की संभावना पर स्कूल प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता दिखाई दे रहा है
3 स्कुल के समीप ही स्कूल संचालकों द्वारा लगवा दिया गया मोबाइल टावर जिससे बच्चों मैं हो सकती है कई प्रकार की बीमारियां परंतु स्कूल संचालकों को अपने जेब से बढ़ने से फुर्सत मिले तब वह बच्चों के बारे में सोचेंगे बीआरसी संजय सिकरवार से जब हमने संस्कार पब्लिक स्कूल में लगे टावर के बारे में बात की गई तो उन्हें कुछ बोलते नहीं बना आइए हम आपको बताते हैं मोबाइल टावर की तरोगो से क्या नुकसान होता है हम अपने बच्चों की उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें शिक्षा प्राप्त करने भेज रहे हैं कहीं वही शिक्षा उनके बीमारी का कारण ना बन जाए l
मोबाइल रेडिएशन से होने वाले नुकसान
मोबाइल रेडिएशन से दिमाग का कैंसर, एकाग्रता, आंख की समस्याएं, तनाव में वृद्धि, जन्मजात के लिए जोखिम, न्यूरोडेगेनेरेटिव डिसऑर्डर, दिल का जोखिम, प्रजनन क्षमता और सुनने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कहीं हम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के चक्कर में कहीं उन्हें बीमारियों में तो नहीं धकेल रहे हैं
परंतु बीआरसी संजय सिकरवार जब हमने टावर और स्कूल में चल रही अनियमितताओं के बारे में बात की तो उनका कहना था कि हम शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं और हम अपने हिसाब से काम करते हैं हम किसी को परेशान करने के उद्देश्य में नहीं रहते हैं मिलजुल के सभी काम हो जाते हैं आपकी भी समस्या हम दूर कर देंगे आप बोले आप क्या लेना चाहेंगे यानी बीआरसी संजय शुक्रवार ले देकर पूरे मामले को रफा-दफा करने की बात कहते दिखाई दिए यहां बच्चों के भविष्य का सवाल है और बीआरसी संजय सिकरवार लेन-देन कर सारे मसले हल कर देना चाहते हैं ताकि उन्हें कोई किसी प्रकार की समस्या ना हो
मामले को लेकर जब अधिकारी से बात करना चाहा तो उनका कहना है की शांति से काम करेगे,मिलजुलकर काम करने वाले व्यक्ति है,हम किसी को परेशान करना नही चाहते है।
बीआरसी
संजय सिकरवार
अगले अंक में करेंगे खुलासा बीआरसी संजय सिकरवार के दो काले कारनामों का खुलासा साथ ही संस्कार पब्लिक स्कुल में किस तरह गाइड लाइनों की की जा रही आवेलना अगले अंक में पढ़िए वॉइस ऑफ झाबुआ में….