
कचला चौधरी
बखतगढ़:-आदिवासी समाज कमेटी के नेतृत्व में प्रति वर्ष अनुसार पार्टीवाद, संगठनवाद एवं व्यक्तिवाद से हटकर मंगलवार को बखतगढ़ में भोंगर्या हाट की विशाल ढोल नृत्य गैर रैली परम्परागत रीति रिवाज संस्कृति अनुरूप पूजा पाठ कर देशी वाद्य यंत्रों ढोल,मांदल एवं बांसुरी नृत्य दल के साथ नाचते गाते आदिवासी समाज के द्वारा स्थानीय चौराहें से होते हुये पुरे बाजार गांव में विशाल रैली के रूप नाचते हुए गैर निकाली गई है।
चारों और से छात्रों युवाओं,
महिलाओं,मजदूर, किसानों,
व्यापारी एवं आदिवासी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यक्रताओं एवं समाज के वरिष्ठ तथा आलिराजपुर जिलें के जनप्रतिनिधि सदस्यों में उत्साह देखते ही बन रहा था। महिला पुरुष सभी अपनी अपनी परम्परागत वेश भूषा में ढोल, मांदल एवं बांसुरी की मधुर धुन पर हाथ से घुँघरू बजाते नाचते गाते हुए चल रहे थे।जगह जगह पर अन्य समाज के लोगों ने भी स्वागत कर बधाई दी,ओर सभी ने परंपरागत स्वत्रंत गैर रैली की प्रशंसा की गई ,
प्रशासन कि और से ढोल एवं नाचने वाली टीम को पुरस्कृत किया गया,मथवाड की टीम को प्रथम पुरस्कार 10,000से सम्मानित किया गया,
परम्परागत रूप से मनाएं जाने वाले भगोरिया हाट में आए लोग अपने आप को नाचने गाने से रोक नही सकें उन्होंने भी आदिवासी समाज के मित्रों के साथ बहुत ही उत्साह के साथ नाचना गाना कर भोंगर्या हाट में एकता,लोक संस्कृति एवं मैत्री उमंगता का परिचय दिया।इस स्वतंत्र गैर हाट में युवाओं,महिलाओं के साथ ही कर्मचारी अधिकारी वर्ग ने भी पारंपरिक वेशभूषा पहन कर आंनद का लुफ्त उठाया, आयोजन के लिए आदिवासी समाज जिला कोर कमेटी के द्वारा सभी समाज जनों का आभार व्यक्त किया गया है।