दो महीनों से बंद पढ़ा शासकीय महाविद्यालय जोबट का शौचालय
जिम्मेदार अस्थाई शौचालय की भी नही कर पाए व्यवस्था ?

थैले को बांध कर अपना पलड़ा झाड़ बैठे प्रिंसीपल – छात्र थैलो से बने मूत्रालय में जाने को मजबूर ?
हम आपको विस्तार से बताते है कि मामला क्या है अलीराजपुर जिले में कुल चार महाविद्यालय मौजूद है वही जिले की सबसे बड़ी तहसील जोबट में स्थित महाविद्यालय की दुर्दशा तो इतनी है कि आज बच्चो को अस्थायी शौचालय की भी व्यवस्था नही कर पाया कॉलेज प्रशासन – जानकारी अनुसार महाविद्यालय जोबट को मौजूदा सरकार द्वारा
महाविद्यालय के रिपेरिंग कार्य हेतु
बजट प्राप्त हुआ था – परंतु इस कार्य हेतु ऐसे ठेकेदार को ठेका दिया गया कि दो माह बीत जाने के बाद भी अभी तक रिपेरिंग कार्य पूर्ण नही कर पाया – महाविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों का क्या कसूर है साहब जो थैलों के आड़ में शौचालय जाने को मजबूर है क्यों अपने पहले नही लिया संज्ञान में की अस्थाई शौचालय की व्यवस्था भी नही करवा पाए आप – एक ओर हमारे प्रिंसिपल महोदय है जो रोजाना अपने कार्यक्षेत्र जोबट को छोड़ कर अपने मुख्य निवास से आना जाना करते है और कागजो में केंद्र में निवास का पता बताते है?
शायद साहब नाम के प्रिंसिपल है
हर कार्य अपने स्टाफ से पूछ कर करते है क्या महोदय आप बंदिश में हो किसी की या किसी नेता का डर है आपको अब तो दो माह बीत चुके है कब खुलेंगे शौचालय के ताले या रिपेयरिंग के कार्य मे भी पूरा साल लग जायेगा – कब होगी व्यवस्था या ऐसेही छात्र थैलों के पीछे सोचालय जाने को मजबूर रहेंगे ।