Homeझाबुआवसुली किंग के नाम से जाने जाते है रामा बीईओ...!

वसुली किंग के नाम से जाने जाते है रामा बीईओ…!

@वॉइस   ऑफ   झाबुआ

कलेक्टर महोदया.. आपकी नाक के नीचे अधिकारी कर्मचारी मिल जमकर भ्रष्टाचार में लगे हुए है लेकिन आपकों कुछ पता भी नही चलता है… कई अधिकारी वित्तीय अनियमित्ताओं में लिप्त होने के बाद भी बडे पदों पर आसिन्न हुए बैठे है… और अपनी तानाशाही चला रहे है।
कलेक्टर महोदया… ज्यादा दुर की नही रामा ब्लाक के बीईओ शंकरदयाल सिरोठिया की ही बात कर लें… तो धार जिले के नरवाली संकुल में तात्काली प्राचार्य के पद पर रहे हुए बीईओ सिरोठिया पर कई वित्तीय अनियमित्ता के आरोप लगे… जांच हुई और आरोप सिद्ध भी हुए… जिसमें बाद संभागीय आयुक्त ने एक नोटिस जारी कर कलेक्टर को अवगत करवाते हुए एक पत्र जारी किया जिसमे ंइसकी सारी अनियमित्ताओं के बारे में स्पष्ट किया गया… वहीं सातवें बिन्दुं के तीसरे व चौथे पेरेग्राफ में यह भी स्पष्ट किया गया कि आपके द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरणद्ध नियम 1965 के नियम 3 के प्रतिकुल होकर अनुशासनहिनता व कदाचरण घाोतक होकर भारतीय दंड विधान के तहत एक अपराधीक कृत्य किया है..! टतः क्यों न आपकों मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित किया जाकर शासकीय कोष को हानि पहुचाने को लकर आईपीसी के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज करवाने की कार्रवाई पुर्ण की जाये..?
वहीं 31 मार्च 2022 को कलेक्टर महोदय को आदेश जारी करते हुए बीईओ साहब के डीडीओ पावर समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन कलेक्टर महोदया … न जाये क्यों इन महाशय के खिलाफ कोई कार्रवाई न करते हुए इन्हे बीईओ के पद पर यथावत रखा गया है। जबकि नियमानुसार व आयुक्त के निर्देशानुसार सिरोठिया को हटाकर किसी अन्य कनिष्ठ अधिकारी को बीईओ का पदभार देना चाहिए जिसके पास किस अन्य विषिठ संस्था का चार्ज न हो.. मगर ऐसा नही हुआ… और ये कर्मचारियों पर अपना रोब ओर झाडने लगे। कलेक्टर महोयदया आप ही सोचिये क्या ऐसे अपराधिक व्यक्ति को इस पद पर रहना चाहिए। जिससे कई कर्मचारी भी परेशान है… जो दबी जुंबां से इन्हे वसुली किंग कहते है… जिन्हें बस वसुली करना आता है… काम करना नही… काम का कहेंगे तो फिल्ट में हुं कह कर पल्ला झाड लेंगे… कलेक्टर महोदया अब आपकों ही इस ओर ध्यान देते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिरोठिया को बीईओ के पद से हटाना चाहिए। ताकि कोई योग्य और कर्तव्य निष्ठ व्यक्ति इस पर को संभाल सके। जिसके पास कोई अन्य संस्था का प्रभार न हो। अगर जल्द ही इस ओर ध्यान नही दिया गया तो ऐसे इन्हें अपराधिकृत्य करने में और हौसला मिलेंगा.. जिससे विभाग की छवि धुमिल होगी और आपकी भी आप जिले की मुखिया है।

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