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सरकारी आवास से 100 मीटर के दायरे में चलता है जुवां,सट्टा तितली पतंग

 

 

दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर

जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक के सरकारी आवास के 100 से 200मीटर के दायरे में खुल्ले आम जुवां सट्टा तितली पतंग चल रहा है ।जिले के एक सोसल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसकी वॉइस ऑफ झाबुआ पुष्टि नही करता है लेकिन जिले के समस्त थाने क्षेत्र हो या चौकी क्षेत्र में बिलकुल खुल्ले आम जुवां सट्टा और तितली पतंग चल रहा है जिसकी कई सूचनाएं और शिकायत मीडिया और आम लोग जिला पुलिस कप्तान को करते है लेकिन उनका लापरवाही पूर्ण रवैया इस जिले की फिजा ही खराब कर देगा ।जिले में बढ़ते राजनेतिक दबाव में जिले के मुख्यालय से ही अवेध गतिविधियां और धंधे संचालित हो रहे है और बाहरी लोग जिनकी कोई पहचान या उनकी कोई भी निगरानी आज जिले भर के थानों में नही दिखाई देती है दिन भर बाहर से जुवां और सट्टा तितली पतंग खेलने और खिलाने वाले लोग जिले में आते जाते है जिनका जिले की पुलिस कोई भी रिकॉर्ड नही रखती जिले में कोई भी बाहरी वाहन आता है या जाता है इसका अधिकृत कही भी रिकॉर्ड नही मिलेगा क्योंकि जिला प्रशासन खुद इसके लिए आज तक जिले में किसी भी प्रकार का कोई सेंटर या अधिकृत कोई अधिकारी या कर्मचारी नही सड़क पर रख रही है ।जिससे जिले के और जिले के बाहर के अपराधिक प्रवृत्ति के लोग जिले में बेखौफ घूम रहे है स्थानीय राजनेताओं और जिले के लोगो तथा अपराधियों और माफियाओं के साथ घूमना और उनके साथ हर वो अवेध गतिविधियों में सहयोगी बनकर जिले में कही ना कही निवास कर रहे है ।जिससे जिले में अपराधिक गतिविधियां और अपराध दिन दुगने और रात चोगने हो रहे है ।जिसको कोई भी रोकने का ठोस कदम आज तक जिला प्रशासन के दोनो मुखिया नही उठा पा रहे है ।जिले की सभी सड़के सीसीटीवी कैमरे विहीन है क्योंकि वह खुद ही नही चाहते की जिले से अपराध और अपराधी खत्म हो क्योंकि कई राजनेताओं और अधिकारियों और कर्मचारियों और अपराधियों के घर के चुल्ले इन्ही अपराध और अपराधिक लोगो के अवेध धंधों और अवेध कमाई से चलते है जिनको बंद करना किसी भी अधिकारी और कर्मचारी के बस की बात ही नही है अलीराजपुर जिले की जो भौगोलिक स्थिति है वह तीन राज्यों की सीमाओं से मिलती है जिसमे गुजरात राजस्थान और महाराष्ट्र जिसके कारण कोई भी अपराधी इधर से उधर आने जाने में कोई भी बड़ी बाधा नहीं है जिले की कई किलोमीटर की सीमा घने जंगलों से घिरी हुई है जिससे अपराधियों के छिपने और आसानी से गुमने रहने और खाने पीने की चीज़ों की भी प्रयाप्त सुविधाए भी जिले में है । जिले के अधिकारी सिर्फ चुनावी आचार संहिता में ही ठोस रूप से कार्यवाही करते है बाकी समय तो सिर्फ और सिर्फ दिखावा जिले के मुखिया अगर ठोस कदम ना उठाएंगे तब तक जिला अपराध मुक्त जिला नही बन पाएगा।

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