
सुरेश परिहार सारंगी ।
करवा चौथ व्रत हिन्दू संस्कृति में विशेष महत्व है और बड़ी हर्षोल्लास से मनाया गया। पर्व को लेकर बाजारों में चहल-पहल रही महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन के साथ ही साड़ियों की भी जमकर खरीदारी की पूजा के लिए करवा भी खरीदारी की महिलाओं में पर्व को लेकर काफी उत्साह नजर आ रहा है फुटपाथ पर दीप पर्व को लेकर करवा से लेकर आटा छलनी को सजी हुई खरीदारी की, महिलाओं के लिए इस पर्व का विशेष महत्व है प्राचीन मान्यताओं के चलते करवा चौथ का यह पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व होता प्राचीन मान्यताओं के चलते करवा चौथ का यह पर्व महिलाओं के लिए अहम है
महिलाएं आज दिन भर निर्जला रहकर अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर व्रत रखेती है और रात को चांद की पूजा कर सुहाग की लंबी उम्र की कामना कर करवा चौथ का व्रत मनाया जाता है इस दिन मूल रूप से भगवान श्री गणेश , मां गौरी और चंद्रमा की उपासना होती है चंद्रमा को मन , आयु , सुख शांति का कारक माना जाता है इसलिए चंद्रमा की पूजा महिलाएं सुख शांति और पति की लंबी आयु की कामना के लिए करती है।
पति की दीर्घायु के लिए उपवास : महिलाओं ने बाजार से करवा के साथ ही सुंदर प्रसाधन की चीजें खरीदी है महिलाएं उपवास रखकर अपने पति की दीर्घायु, घर में सुख शांति, समृद्धि के लिए पूजा अर्चना की जाती है और महिलाएं चंद्रमा देखकर आटा छलनी में पति का मुंह देख पूजा अर्चना कर उपहास खोलेती है।