@Voice ऑफ झाबुआ
पुलिस अधीक्षक महोदय आपके झाबुआ पदस्थ होते ही नगर की जनता को आपसे बडी आस है…कि अब तो अपराधों पर अंकुश लगेगा…जिले की तो नही झाबुआ की ही बात करें तो नगर में जगह जगह जुआ सटटा,नशीले प्रदार्थ, नकली शराब, नकली डामर आदि का कारोबार जोरों पर चल रहा है…नशीले प्रदार्थो के चक्कर में कई नौजवान काल के गाल में समा चुके है…ऐसे में पुलिस द्वारा कार्रवाई न करना कई सवालिया निशान खडे कर रहे है…?
पुलिस अधीक्षक महोदय जनचर्चा है कि ये सब इसलिए होता है कि छोटे तबके के कर्मियों की सेटिंग….जो इन काले कारोबारियों को तुरंत सुचना दे देते है सुत्रो के अनुसार आज ही की बात करें तो सटटे के कारोबारियों पर अंकुश लगाने के पहले ही सटोरियों को सुचना मिल गई कि संभल जाओ…ये कोई और नही आपके विभाग का ही कर्मी है जो इन्हे सुचना देता है…अगर झुठी बात है तो…नगर में जिस खाकी वाले को पुडी सब्जी के नाम से जाना जाता है वो ही प्रत्येक सटोरिये से वसुली करता है….सुत्र ये भी बताते है कि थाना प्रभारी के नाम से अलग और खुद छोटे सटोरिये से 3 और बडे से ज्यादा रूपये लेता है…अवैध रूप से पाडे काटने वालों से भी इसकी तगडी सेटिंग है हाल ही में इसने थाना प्रभारी ने नाम से महिना बंदी ली है…ये सब हम नही कह रहे है महोदय ये नगर की जनता की आम चर्चा बनी हुई है… क्योंकि गली मोहल्ले और रात के अंधेरे में कहीं भी छुप कर बंदी ले तो ये पब्लिक है सब जानती है…अगर झुठ हो तो इन पुडी सब्जी के दुसरे मोबाईल को चेक कर लो या फिर इसकी व्हाटसएप काॅल…सब दुध का दुध और पानी का पानी हो जायेगा.. आप तब तक अपराधों पर अंकुश नही लगा सकते जब तक आपके विभाग में ऐसे पुलिस कर्मी रहेगे…महोदय झाबुआ को इन सटोरियों और नशे के कारोबारियों से बचा लो….क्योंकि यहां सारे मामलों में सेटिंग चल रही है… पुलिस अधीक्षक महोदय आपसे झाबुआ की जनता को बडी आस है… आप भी नए है और थाना प्रभारी भी नए है…और दोनों का नाम ले लेकर कहा कहा वसुली होती है ये तो आपकों भी पता नही…अब थाना प्रभारी भी कुछ दिन पहले ही यहां आये है उसके पहले की अवैध मांस विक्रेताओं से थाना प्रभारी के नाम से इस पुडी ने सेटिंग कर ली…जो अपने आप को महंत कहता है…