@Voice ऑफ झाबुआ

जिले की चार निकायों में होने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कसर कसते हुए हर स्तर पर विरोधियों को मुंह पर खिलाने में कोई कसर नही छोड़ रही है वही भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक ने इस बार चुनाव की रणनीति में भाजपा जिला पदाधिकारी को निकाय के चुनाव प्रभारी बनाते हुए चौका दिया है,वही निकाय चुनाव में बने प्रभारी भाजपा जिला संगठन के निर्देशन में दम खम से घर घर जाकर संपर्क करते हुए भाजपा को जिताने का माहौल बनाने में कोई कसर नही छोड़ रहे है।
चुनाव प्रभारी को होना पड़ेगा औऱ आक्रमक…..
निकाय वार बने चुनाव प्रभारी हर जगह अपने स्तर पर संगठन को मजबूत करते हुए भाजपा की नगर सरकार बनाने में कोई कमी नही रखते हुए आक्रमक शैली में कार्य करते हुए परिणाम भाजपा के पक्ष में बनाने में डट गए है,वही भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक के निर्देशन में राणापुर के चुनाव प्रभारी बने भाजपा जिला महामंत्री कृष्ण पाल सिंह गंगाखेड़ी ने अपने स्तर पर पहले डोर टू डोर जाकर सर्वे करके जिताऊ उम्मीदवार प्रत्याशी का आधार भाजपा जिला संगठन को देते हुए मोहर तो लगाई साथ ही अंदुरनी स्तर से भी बड़े सोच समझ कर जनता के सर्वे अनुसार टिकट देते हुए भाजपा जिला महामंत्री और राणापुर चुनाव प्रभारी कृष्ण पाल सिंह गंगाखेड़ी पर विश्वास जताते हुए अधिकृत किया गया,अधिकृत प्रत्याशी के बाद पार्टी के कुछ बागी बने भाजपाई ने संगठन को कमजोर करने में कोई कसर नही छोड़ते हुए पार्टी का नुकसान पहुचाने के साथ अपना वजूद बनाने में लगे हुए हैं,परंतु चुनाव प्रभारी बने भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री कृष्णपाल सिंह गंगाखेड़ी को अपने पावर का उपयोग करते हुए औऱ आक्रमक होना पड़ेगा।
चुनाव में अपना भविष्य देखने वाले पुराने चावल भाजपा में कर रहे भितरघात
एक कहावत है कि अपनी गली का कुत्ता भी शेर होता है कुछ ऐसी ही कहावत आजकल राणापुर के निकाय चुनाव में देखने को मिल रही है,चुनाव प्रभारी बने भाजपा जिला महामंत्री कृष्णपाल सिंह गंगाखेड़ी ने चुनावी स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ते हुए विरोधियों और बागियो की कमर तोड़ दी है,वही इसी का बदला लेते हुए बागी बने भाजपाई गलत – गलत अफवाह के माध्यम चुनावी प्रभारी सहित भाजपा जिला संगठन की नाक काटने में लगते हुए निर्दलीय और कांग्रेस का सहयोग कर रही है,क्योकि कृष्ण पाल के प्रभारी बनने के बाद पुराने चावल कहावत के अनुसार अनुभव होने के साथ अपना अनुभव कांग्रेस और निर्दलीय के पक्ष में कर रहे है?क्योंकि पुराने चावल बने नेता की इस बार कुकर में नही पकते हुए अपना भविष्य खोजने के चक्कर मे भाजपा को ही नुकसान पहुचाने में काम कर रहे है,मगर भाजपा के कुछ लोग ओर पुराने चावल अपना अस्तित्व खोजने के चक्कर में भाजपा की लुटिया डुबोने में लगे हुवे है,जिनकी वजह से भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा ये ही लोग कार्यकर्ताओं को भड़का कर अपना उल्लू सीधा करने के लिए विवाद उत्पन्न करना चाहते है ताकि भाजपा की हार होती है तो ये आरोप प्रत्यारोप लगा सके लेकिन सब के मंसूबो पर पानी फिरने वाला है क्यूँकि चुनाव प्रभारी गंगाखेड़ी अपनी रणनीति बनाए हुवे है ओर इन सब के मंसूबो को पूरा नही होने देंगे,अपना अस्तित्व तलाशते हुए भाजपाई कही आपके कंधो पर रख कर बंदूक़ की गोलियाँ ना चलाये,कुल मिलाकर चुनाव प्रभारी कृष्ण पाल सिंह गंगाखेड़ी को औऱ आक्रमक होते हुए चुनाव में पुराने चावल को दर किनार करते हुए गुप्त रणनीति करना पड़ेगी तभी नगर सरकार का ताज कृष्ण पाल सिंह गंगाखेड़ी के सिर सजेगा…..