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उनका काम अभी बहुत बाकी था,यह उनके जाने का समय नहीं था और न ही किसी ने ऐसी कल्पना होगी। हमारे लिये यह विश्वास करना कठिन है कि उमेश जी अब हमारे बीच नहीं रहे। उमेश जी के व्यक्तित्व में एक आदर्श कार्यकर्ता की सभी खूबियां थीं, वे एक ओजस्वी वक्ता और तर्कशील प्रवक्ता थे। यह बात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, वरिष्ठ नेता माखनसिंह ने पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता स्व. उमेश शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कही।
उनकी वाणी में ओज था,लोग सुनते रह जाते थे: शिवराजसिंह चौहान
स्व. उमेश शर्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि उनकी वाणी में ओज था और जिह्वा पर सरस्वती विराजती थीं। जब वो बोलते थे, तो लोग सुनते ही रह जाते थे। उमेश शर्मा पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध थे और जब भी विचारधारा के विपरीत कोई बात होती थी, तो वे सहन नहीं करते थे। इसीलिए जब दिग्विजयसिंह ने आतंकवादियों का महिमा मंडन किया, तो शर्मा उन आतंकियों के फोटो कांग्रेस कार्यालय में लगाने के लिए पहुंच गए थे। चौहान ने कहा कि स्व. उमेश शर्मा 24 घंटे सक्रिय रहते थे। कोविड संकट के दौरान तो वे समाजसेवा के जीवंत प्रतीक बन गए थे। हम सभी उनके जैसा तेजस्वी और समर्पित कार्यकर्ता बनने का प्रयास करें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अंतिम समय तक संगठन का काम करते रहे शर्मा : विष्णुदत्त शर्मा
स्व. उमेश शर्मा को याद करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि उमेश शर्मा बहुत छोटी उम्र में पार्टी से जुड़ गए थे और 1980 में हुए पार्टी के पहले अधिवेशन के भी साक्षी रहे। शर्मा ने अपनी मेधा और ओजस्वी वाणी के बल पर छात्र राजनीति में भी अपना लोहा मनवाया। वे संगठन के प्रति प्रतिबद्ध कार्यकर्ता थे और अपने अंतिम समय तक भी संगठन का काम करते रहे। उन्होंने सभी के सामने इस बात का उदाहरण प्रस्तुत किया है कि कैसी भी परिस्थितियां हों, निडर होकर किस तरह काम किया जाता है। शर्मा ने कहा कि उनका जाना भाजपा परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है और दुख की इस घड़ी में भारतीय जनता पार्टी पीड़ित परिजनों के साथ है।
उनके जैसे कार्यकर्ता दुर्लभ हैं: माखनसिंह
स्व. उमेश शर्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता माखनसिंह जी ने कहा कि उमेश का जाना अत्यंत दुखद है। वे पार्टी द्वारा सौंपे गए काम को करने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे और एक उत्तम कार्यकर्ता के सभी गुण उनमें थे। उनके जैसे जीवटवान कार्यकर्ता मिलना वास्तव में दुर्लभ है। एक प्रवक्ता के रूप में उमेश नहले पर दहला देने में समर्थ थे और हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
अद्भुत और निश्छल व्यक्तित्व के स्वामी थे उमेश: शरद द्विवेदी
स्व. उमेश शर्मा को पत्रकारों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री शरद द्विवेदी ने कहा कि उमेश जी का व्यक्तित्व अद्भुत था और उनके चेहरे पर हमेशा निश्छलता दिखाई देती थी। कोरोना संकट के दौरान पीड़ितों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए उन्होंने किस तरह अथक प्रयास किये, यह हम सभी ने देखा है। टेलीविजन पर होने वाली डिबेट बहुत बोझिल और शुष्क होती हैं, लेकिन उमेश शर्मा ऐसी शुष्क डिबेट में भी रस घोल देते थे।द्विवेदी ने कहा कि ऐसे समय में जबकि अंग्रेजी को सम्मान दिया जा रहा हो, उमेश शर्मा धाराप्रवाह हिन्दी बोलते थे और नए शब्दों की खोज तथा उनके प्रयोग के लिए लालायित रहते थे। यह हम सभी का और समाज का दायित्व है कि स्व. उमेश शर्मा जैसे लोगों का संरक्षण करें।
कार्यक्रम में गुरुद्वारा साहिब के ज्ञानी बाबा हाकमसिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता कृष्ण मुरारी मोघे, प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी, प्रदेश मंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश कार्यालय मंत्री राघवेंद्र शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार मृगेंद्र सिंह, धनंजय प्रताप सिंह, अक्षत शर्मा, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विजय दुबे, पार्टी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रशांत तिवारी, विवेक तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ हितेश वाजपेई,पंकज चतुर्वेदी,आशीष अग्रवाल, सुश्री नेहा बग्गा, वरिष्ठ नेता दीपक विजयवर्गीय, जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी, भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी,मनीष सक्सेना, श्रीमती वंदना जाचक, सुश्री सरिता देशपांडे, राजेंद्र गुप्ता,राहुल राजपूत, जगदीश यादव,अजय पाटीदार सहित अनेक कार्यकर्ताओं व पत्रकार बंधुओं ने स्व. उमेश शर्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने किया।