विनय पंचाल पिटोल
शिक्षक दिवस पर पिटोल संकुल के अंतर्गत आने वाले पुरानी पेंसन योजना से वंचित अध्यापको द्वारा नयी पेंसन योजना NPS के विरोध में काली पट्टी बाँध शिक्षक दिवस पर मिलने वाले सम्मान का बहिष्कार कर किया |
सांकेतिक प्रदर्शन कर रहे शिक्षको ने बताया कि केन्द्र सरकार ने 2004 में सरकारी कर्मचारीयो की पेंशन को बंद कर दिया। जिसमें राज्य सरकारे भी पीछे नहीं रही राज्य सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर सरकारी कर्मियों की पेंशन को बंद कर दिया। समय समय पर राज्य में शासकीय कर्मियों के हित में पुरानी पेंशन योजना लागू करवाने को लेकर आन्दोलन होते रहे है। शिक्षको का मानना है की पुरानी पेंशन हमारा हक है , सेवानिवृत्ति के बाद NPS के तहत मिलने वाली पेंसन से निश्चित तोर पर गुजर बसर मुश्किल ही होगा। सभी अपना जीवन सरकार को दे देते हैं पर बुढ़ापे में व्यक्ति निर्बल होकर चाह कर भी धनार्जन करने में समर्थ नहीं होता ऐसी स्थिति में पेंसन ही एक मात्र सहारा होती है जिससे की सेवानिवृत शासकीय कर्मी किसी पर आश्रित न होकर सम्मान से अपना जीवन यापन कर सके |
क्या है नयी और पुरनी पेंसन योजना क्या मुख्य अंतर है जो की इन कर्मचारियों में भविष्य को लेकर असुक्षा का भाव पैदा किये हुए है समझते है इन 10 बिन्दुओ से
1 – OPS में पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं होती है, जबकि NPS में वेतन से 10% (बेसिक+डीए) की कटौती होती है.
2 – OPS में GPF (Government Provident Fund) की सुविधा है, जबकि NPS में यह सुविधा नहीं है.
3 – OPS एक सुरक्षित पेंशन योजना है यानी इसका भुगतान सरकार द्वारा ट्रेजरी के माध्यम से होता है, लेकिन NPS शेयर बाजार आधारित है यानि शेयर मार्केट के बढ़त और घाटे के आधार पर भुगतान किया जाता है.
4 – OPS में रिटायरमेंट के समय निश्चित पेंशन, जो अंतिम मूल वेतन का 50 फीसदी होता है वह मिलता है… जबकि NPS में रिटायरमेंट के समय निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं है.
5 – OPS में 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता लागू होता है, जबकि NPS में 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता लागू नहीं होता है.
6 – OPS में रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी मिलती है, जबकि NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का अस्थायी प्रावधान है. ही OPS में सेवा के दौरान मौत होने पर फैमिली पेंशन का प्रावधान है, जबकि NPS में सेवा के दौरान मौत होने पर फैमिली पेंशन का प्रावधान है, लेकिन NPS के तहत जमा पैसे को सरकार जब्त कर लेती है.
7 – OPS में रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं लगता है, जबकि NPS में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के आधार पर जो पैसा मिलेगा, उस पर टैक्स देना पड़ेगा.
8 – OPS में रिटायरमेंट के समय पेंशन प्राप्ति के लिए GPF से किसी प्रकार का निवेश नहीं करना पड़ता है, जबकि NPS में रिटायरमेंट के समय पेंशन प्राप्ति के लिए NPS फंड से 40 फीसदी पैसा इन्वेस्ट करना पड़ता है.
9 – OPS में 40 फीसदी पेंशन कम्यूटेशन का प्रावधान है, जबकि NPS में यह प्रावधान नहीं है.
10 – OPS में रिटायरमेंट के बाद मेडिकल फैसिलिटी (FMA) है, लेकिन NPS में इसका स्पष्ट प्रावधान नहीं है.