आलीराजपुर ब्यूरो चीफ
आलीराजपुर/जोबट | 10 अप्रैल 2026
जोबट विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक एवं आलीराजपुर नगरपालिका अध्यक्ष सेना महेश पटेल तथा आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल को दाऊदी बोहरा समाज, आलीराजपुर द्वारा औपचारिक रूप से आभार एवं सम्मान पत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान परमपूज्य सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के हाल ही में सम्पन्न हुए आलीराजपुर आगमन के दौरान किए गए उत्कृष्ट सहयोग, समन्वय एवं व्यवस्थाओं के लिए दिया गया।दाऊदी बोहरा जमात (अंजुमन-ए-नजमी) द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया कि सैयदना साहब की यात्रा के दौरान जिले में साफ-सफाई एवं धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्थाएँ अत्यंत सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। दूर दराज से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा, जो प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम रहा।समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सैयदना साहब का आगमन न केवल दाऊदी बोहरा समाज, बल्कि पूरे आलीराजपुर जिले के लिए गौरव और आस्था का विषय है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर विधायक सेना महेश पटेल, प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल एवं उनके सहयोगियों द्वारा निभाई गई जिम्मेदारियों ने आयोजन को शांतिपूर्ण, गरिमामय और यादगार बना दिया।इस अवसर पर विधायक सेना महेश पटेल ने बोहरा समाज का आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“परमपूज्य सैयदना साहब का आलीराजपुर आगमन पूरे जिले के साथ-साथ हमारे परिवार के लिए भी आशीर्वाद स्वरूप है। इस पावन अवसर पर सेवा करने का अवसर मिलना हमारे लिए गर्व की बात है।”उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में भाईचारा, प्रेम, सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने बोहरा समाज द्वारा दिए गए सम्मान के लिए हृदय से धन्यवाद एवं कृतज्ञता व्यक्त की।आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने भी सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं समाजजनों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही यह आयोजन सफल हो सका। उन्होंने भविष्य में भी जनसेवा एवं समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का विश्वास दिलाया।यह आयोजन आलीराजपुर जिले में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आपसी सहयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। साथ ही यह कार्यक्रम दर्शाता है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से किसी भी बड़े आयोजन को सफल बनाया जा सकता है।