जिलें की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था साज़रंग झाबुआ द्वारा विलुप्त हो चुके पारसी रंगमंच को वापस मंच पर उतारने का सुन्दर प्रयास करने जा रही हैं पारसी शैली में राधेश्याम कथावाचक का मूल नाटक भक्त प्रह्लाद मंचन किया जाकर।इस नाटक की विशेषता यह की यह नाटक पुरी तरह से संगीतमय होकर इसके संवाद तुकबंदी,लयबंदी में होंगे और मंच परिकल्पना भी पारसी शैली में भव्य रहेगी जो मुक्ताकाश मंच पर नाट्य मंचित होगा।इस भव्य प्रस्तुति में नगर के शासकीय/अशासकीय विद्यालयों के आयु वर्ग 08 से 15 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं का चयन ऑडिशन(गायन और अभिनय) आयोजित करके किया जायेगा जिसकी प्रक्रिया वार्षिक परीक्षा उपरांत संपादित की जायेगी। संस्था के सचिव दर्शन शुक्ला के बताया पारसी नाटक भक्त प्रह्लाद में 25 छात्र-छात्राओं को चयन के माध्यम से निःशुल्क भाग ले सकेंगे। चयनित छात्र-छात्राओं को 20 मार्च 2026 से करीब 01 माह का रंगाभ्यास करवाया जाकर प्रस्तुति तैयार की जावेगी जिसका प्रदर्शन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय जश्ने बचपन व देश के अन्य प्रतिष्ठित नाट्य समारोह में मंचित किया जायेगा।नाटक भक्त प्रह्लाद का निर्देशन संस्था व प्रसिद्ध उभरती युवा अभिनेत्री-निर्देशक कु.हिमाद्री व्यास, कला व तकनीकी निर्देशन भरत व्यास करेंगे यहां उल्लेखनीय हैं की इस सम्पूर्ण नाटक का संगीत पारसी शैली नाटक के पुरे भारत वर्ष में एकमात्र संगीत निर्देशक ज़फ़र संजरी मुम्बई द्वारा किया जा रहा हैं। इस भव्य प्रस्तुति निर्माण हेतु नगर के नागरिकों व सामाजिक संस्थाओं से मदद का अनुरोध किया गया हैं।