आलीराजपुर। मध्यप्रदेश में शिक्षकों के द्वारा शिक्षकों के लिए संचालित प्राथमिक- माध्यमिक- उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ (PMUMS) कर्मचारी कल्याण कोष ने एक उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया हैं। कर्मचारी कर्मचरी कल्याण कोष में पंजीकृत दमोह जिले के दिवंगत शिक्षक स्वर्गीय श्री दिलीप लोधी जी के परिवार को 32 हजार पंजीकृत शिक्षकों ने 100 -100 का सहयोग कर 32 लाख रुपये की ऐतिहासिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। यह सहयोग 15 दिसम्बर 2025 तक जारी रहेगा। सहयोग राशि अभी और बढ़ेगी।यह पहली बार है, जब राज्य के शिक्षकों के सामूहिक सहयोग से इतनी बड़ी राशि किसी दिवंगत शिक्षक के परिजन तक पहुँचाई गई है।जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 55 जिलों एवं 313 विकास खंडों में पदस्थ शिक्षकों ने 100-100 रुपये सहयोग कर यह राशि संकलित की गईं हैं।सहयोग की प्रक्रिया अब भी जारी है।
प्राथमिक माध्यमिक उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ (पीएमयूएमएस) एवं कर्मचारी कल्याण कोष के जिला अध्यक्ष भंगुसिंह तोमर ने कहा कि यह सहायता केवल एक आर्थिक सहयोग नहीं,बल्कि शिक्षक समाज की एकजुटता, संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल है।PMUMS एवं कर्मचारी कल्याण कोष योजना का निर्माण संस्थापक सतीश खरे, सह-संस्थापक बृजेश असाटी, प्रांत अध्यक्ष मुरली मनोहर अरजरिया के मार्गदर्शन में किया गया। साथ ही प्रांतीय टीम प्रांत संयोजक पवन खरे, प्रांत महामंत्री विनोद राठौर, प्रांत महासचिव मुकेश नेमा, प्रांतीय प्रवक्ता रमाशंकर तिवारी, प्रांतीय सचिव प्रमिला सगरे,आईटी सेल प्रभारी राजेश गुप्ता एवं सह प्रभारी ह्रदेश श्रीवास्तव तथा प्रदेश के सभी 55 जिलों की टीमों के साथ ही इस योजना को सफल बनाने में जिला कार्यकारिणी के जिला उपाध्यक्ष राकेश राठौड़, राजेश शोभावत, बादलसिंह चौहान,भेरुसिंह मायडा, विनय तंवर,वेलसिंह वास्कले, महासचिव रतनसिंह रावत, संगठन मंत्री कौशिक वाघेला, जिला मंत्री रमेश डावर, जिला महामंत्री नवलसिंह चौहान, जिला प्रवक्ता राज कुमार जाटव,कोषाध्यक्ष मगनसिंह मोरी, सहसचिव रायसिंह चौहान, लालसिंह रावत, सह संगठन मंत्री कुरबानसिंह बघेल एवं रायसिंह आवासिया की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सहयोग प्रक्रिया कैसे होती है?
कर्मचारी कल्याण कोष की महिला प्रोकोष्ठ की जिलाध्यक्ष अंजू सिसोदिया ने बताया कि पंजीकृत शिक्षक के निधन की सूचना मिलते ही नॉमिनी खाते का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद प्रदेश से लेकर विकासखंड स्तर तक सूचना भेजी जाती है,और PMUMS पोर्टल पर सहयोग हेतु लिंक जारी की जाती है।सभी जिलों के कोष से पंजीकृत शिक्षक ऑनलाइन 100-100 रुपये सहयोग करते हैं,जिससे सहयोग की बड़ी राशि शीघ्र ही परिवार के खाते में पहुँच जाती है। योजना की पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। तेजी से बढ़ रहा है संगठन – योजना से पिछले तीन महीनों में 60,000 से अधिक शिक्षक जुड़ चुके हैं और यह नेटवर्क अब प्रदेश के हर जिलों में अब फैल चुका है। PMUMS के जिला सचिव अंजीश वाघेला का कहना है हमारा प्रयास हैं कि आदिम जाति कल्याण एवं शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारी -शिक्षक इस योजना से जुड़े, आने वाले समय में यह योजना कई परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच साबित होगी। शिक्षक समाज द्वारा किया गया यह सामूहिक प्रयास प्रदेश में सहयोग, संवेदना और सेवा की एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा है, उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी कपिल नागर एवं सोशियल मीडिया प्रभारी लालसिंह डावर ने दी।