सरदारपुर। क्रान्तिकारी टंट्या भील के बलिदान दिवस पर राष्ट्रीय आदिवासी कल्याण परिषद द्वारा राजगढ़ नगर स्थित टंट्या भील कि प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित कि जिस दौरान परिषद के अध्यक्ष व कार्यकर्ता उपस्थित थे। राष्ट्रीय आदिवासी कल्याण परिषद अध्यक्ष बालुसिंह बारिया ने बताया कि जननायक टंट्या भील आजादी के आंदोलन में उन महान नायकों में शामिल है, जिन्होंने आखिरी सांस तक अंग्रेजी सत्ता की नाक में दम कर रखा था। टंट्या भील को आदिवासियों का रॉबिनहुड भी कहा जाता है, क्योंकि वो अंग्रेजों के भारत की जनता से लुूटे गए माल को अपनी जनता में ही बांट देते थे।

टंट्या भील को टंट्या मामा के नाम सै भी जाना जाता है एवं 4 दिसंबर को उनका बलिदान दिवस मनाया जा रह है। जिस दौरान प्रदेश प्रभारी जीवन गिरवाल, संरक्षक भारत सिंह खराड़ी, रणछोड़ मेड़ा, डमरू भाई, नाथुलाल खपेड, मिश्रीलाल निनामा, शांतिलाल, गामड़, गिरधारी मकवाना, आदि समाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।