झाबुआ। अरें कौन है ये मुलेवा… इस सरनेम का ना तो निर्मला जीजी का पीए है ना ही कोई रिश्तेदार… फिर भी जीजी का नाम लेकर अधिकारी और लोगों को गुमराह करने के साथ साथ अवैध वसुली किए जा रहा है। पुरे प्रदेश भर में केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया जीजी का नाम है… उनके केबिनेट मंत्री बनते ही हमारे आदिवासी जिले में उन्होने कई सौगाते दी है… और आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के लिए जो मसीहा बन कर आई है।
लेकिन ये मुलेवा भोपाल से लेकर झाबुआ तक अपने को निर्मला जीजी का खास बता कर उनकी छवि धुमिल करने में कोई कसर नही छोड रहा है। अब देखो ना जीजी पेटलावद क्षेत्र की विधायक है.. इस क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष आर्थिक सहायता विधायक की ओर से दी जाती है… ये राशि अलग अलग होती है… जिसको जैसी जरूरत वैसी सहायता राशि… लेकिन उसके लिए भी सारे नियम कायदों का पालन करना होता है… कि सहायता मांगने वाले को सच में जरूरत है या फिर वो झुठ बोल रहा है… उस सहायता के लिए दस्तावेजों की जरूरत होती है और राशि चेक के माध्यम से अकांउट में जमा की जाती है… लेकिन यहां मुलेवा ने अलग ही झोल कर डाला… इस योजना पर पलीता फेरते हुए मुलेवा ने अपने काले कारनामों के साथ अक्षय के यहां काम करने वालों के खातों में बिना चेक के माध्यम से राषि खातों में डाली… और खातों में ट्रांजेक्षन दिखाने की कोशिश की। अब आप ही सोचिये जरूतमंदों को मिलने वाली राशि इस मुलेवा ने अपना पेट भरने के चक्कर में हेराफेरी कर डाली… अगर इस प्रकरण की जांच होती है… तो बदनाम जो जीजी होगी… झोल तो पुरा मुलेवा ने किया है… फिर दीदी बदनाम क्यों हो… खैर जल्द ही इस मामले को लेकर दुध का दुध और पानी का पानी होने वाला है… जिस जिस के नाम से राशि आवंटित की गई उनके नाम भी जल्द ही सामने आयेगे… अब ये पता करना है कि ये मुलेवा है कौन…? किस पद पर है…? क्या प्रशासन ने इसे दौरे करने की अनुमती दी है….? नौकरी करता है या फिर नही…? ऐसे कई सवाल है…!
अब लो कुछ दिनों पहले का ही एक मामला ले लो… एक सरकारी विभाग में इस मुलेवा का भ्रष्टाचार का साझेदार अक्षय ने ऐसी सरकारी घटियां किस्म की बिल्डिंग बनाई… कि वो खुद उसमें हुए भ्रष्टाचार को बयां कर रही थी… जब अधिकारी जांच करने पहुंचे जो अधिकारी के सामने सारा भ्रष्टाचार आ गया… तो अधिकारी ने बिल्डिंग तोडने को कहा तो इन्होने जीजी का नाम लेकर उन्हें बहुत डराया धमकाया… डराने धमकाने की कई ऑडियों भी जल्द ही सामने आने वाली है… ऐसे में अधिकारी ने जीजी के नाम से दी गई धमकियों की वजह से कुछ नही किया… जल्द ही उस इमारत को लेकर आदिवासी संगठन आंदोलन करने वाला है। और भी बहुत कुछ है बाकि अगले अंक में… लेकिन आप भी पता करों और हम भी पता कर रहे है कौन है ये मुलेवा और अक्षय जो जीजी की छवि धुमिल कर रहे है…। एक ईमानदार और स्वच्छ छवि की जीजी को बदनाम करने वालों के चेहरे जल्द ही सामने आने चाहिए।