मंगलवार को जोबट नगर के कॉलेज चौराहे पर होटल के पीछे पत्रे के सेट में बने दुकान में छापा मारकर 30 रसोई गैस सिलेंडर जब्त किए हैं इससे यह जाहिर होता है कि निहित स्वार्थ के लिए रिफिलिंग का कार्य पिछले कई सालों से उक्त व्यक्ति रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा है वही पूर्व में भी इनके यहां आग जननी की 🔥घटना हो चुकी है कानूनी तौर पर कोई भी दुकानदार या वाहनों में रसोई गैस सिलेंडर का प्रयोग नहीं कर सकता, लेकिन सस्ता होने की वजह से इसकी कालाबाजारी बढ़ती जा रही है। आम उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है आलम यह है कि जोबट नगर और ग्रामीणों में चार पहिया वाहन आदि भी गैस से ही चल रहे हैं। यहां तक कि गरीबों का ईधन अब रसोई गैस में कम जबकि बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों व दुकानों के अलावा वाहनों में उपयोग हो रहा है। दुख की बात यह है कि संबंधित विभाग भी कुछेक दुकानों पर छापा मारकर अपनी पीठ तो थपथपा लेते हैं,लेकिन इसकी कालाबाजारी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कोई खास कार्रवाई नहीं होती। इससे दोषियों के हौसले भी बढ़ जाते हैं। कुछ हद तक गैस एजेंसी और कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत से ही कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है। रसोई गैस की वाहनों में खपत बढ़ने का एक कारण यह भी है कि पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं और लोग अपने बजट को कम करने के लिए पेट्रोल के एवज में रसोई गैस का इस्तेमाल कर लोगों के अधिकार छीन रहे हैं। विडंबना यह है कि पुलिस प्रशासन एवं जन वितरण विभाग ऐसे चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिस कारण घरेलू उपभोक्ताओं को ब्लैक में रसोई गैस सिलेंडर खरीदकर अपना अपने वाहनो में इस्तेमाल धड़ेकेसे किया जा रहा है शहर के मुकाबले बाहरी क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत सिर चढ़कर बोल रही है। सोचनीय विषय यह है कि जब से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ी है तब से रसोई गैस की कालाबाजारी भी बढ़ी है। शहर में हर दसवां वाहन रसोई गैस सिलेंडर से सड़कों पर दौड़ रहा है।
इस कारण शहर में जगह-जगह अवैध फिलिंग स्टेशन खुल गए हैं जो रसोई गैस को इन वाहनों में भरकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। संबंधित विभागों का यह दायित्व बनता है कि वह गैस की कालाबाजारी को गंभीरता से और संयुक्त तौर पर ठोस अभियान चलाएं ताकि आम आदमी को न्याय मिल सके।एजेंसी की मिली भगत से अवैध रिफिलिंग का काम, खुलेआम वाहनों में भारी जा रही है अवैध तरीके से गैस जोबट लोगों के घरों में गैस टंकियां आने में 8 दिन से भी ज्यादा लगते हैं,वहीं दूसरी ओर गैस एजेंसी के रिक्शा वाले बीच सडक़ पर खुलेआम टंकियां ब्लैक कर रहे हैं हालत यह है कि 100 रुपए ज्यादा रुपए देकर रिक्शा चालकों से कितनी भी टंकियां ली जा सकती है।
एक्सपोज स्टिंग में गैस सिलेंडरों की हो रही कालाबाजारी पर वॉइस का झाबुआ खुलासा करती खास रिपोर्ट,जोबट नगर में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के लिए अब नया तरीका अपनाया जा रहा है। गैस एजेंसी संचालकों और रिक्शा चालकों की मिलीभगत की वजह से खुलेआम धड़ल्ले से इन सिलेंडरों को तय दाम से 100 से 150 रुपए अधिक में बाजार में खपाया जा रहा है सिलेंडरों की इस खरीद-फरोख्त पर गैस एजेंसी अनदेखा कर रही है या यूं कहे की सब कुछ सामने होते हुए भी जानबूझकर अनजान बना जा रहा है खाद्य एवं आपूर्ति विभाग भी अवैधानिक तरीके से हो रही सिलेंडर बिक्री के मामले पर कार्रवाई नहीं करता है वही नगर में नहीं थमा अवैध रिफिलिंग का काम, खुलेआम वाहनों में भी भरी जा रही गैस कई जगहों पर खुलेआम वाहनों में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग की जा रही है। गैस सिलेंडरों का अवैध कारोबार करने वालों के ऊंचे रसूखात के चलते विभाग भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
नगर में जन चर्चा है कि पकड़े गए सिलेंडर रिफीलींग करते हुए टंकियां के कार्य में नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष के किसी रिश्तेदार के यहां यह कार्रवाई की गई है पुलिस द्वारा सूचना मिली के अवैध तरीके से सिलेंडर लोड हो रहे हैं मैंने संबंधित विभाग को इसकी जानकारी पर अधिकारी पहुंचे जिनके द्वारा 30 सिलेंडर जप्ती कर पंचनामा बनाया गया