सुरेश परिहार
सारंगी नगर में सात दिनों से भागवत गंगा बह रही थी जिसमें पुरे नगर के श्रद्धालु भागवत गंगा में डुबकी लगा रहे थे, जिसमें भागवत कथा वाचक मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत करते हैं ऐसा ही एक प्रसंग की आत्मा ओर परमात्मा को जोड़ने का कार्य एक गुरु के होने से सरल हो है नवीन लक्ष्मीनारायण मंदिर पर पंडित श्री केशव चतुर्वेदी जी गड़ी भेसोला के मुखारविंद से संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करवाया जा रहा था जिसकी पुर्णाहुती गाजे बाजे के साथ की हुई और सात दिन तक पंडित श्री केशव चतुर्वेदी द्वारा भागवत कथा में श्री कृष्ण जन्म से लेकर पूरी कथा का सार सुनाया गया, बलिहारी गुरु आपकी गोविंद दियो बताएं ,गुरु ही गोविंद से मिला सकता है इसलिए हर मनुष्य को अपने जीवन में एक सच्चे गुरु की शरण में जाना चाहिए ,बिना गुरु के कोई काम शुरू नहीं हो सकता , गोविंद और मनुष्य को जोड़ने वाली डोर गुरु ही है आत्मा का परमात्मा से मिलन गुरु ही सरलता से करवा सकते हैं
व्यास पीठ से पंडित केशव चतुर्वेदी जी ने कथा प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को विभिन्न जानकारी देते हुए कृष्ण जन्म , रुक्मणी विवाह, कृष्ण सुदामा की दोस्ती कृष्ण लीला आदि कई प्रसंग सात दिनों में भक्तों को सुनाएं उन्होंने बताया कि जो भगवान को नहीं मानते हैं उन्हें अंत में पछताना पड़ता है इसलिए भगवान के प्रति सदा श्रद्धा भक्ति भाव रखना चाहिएं।
मुख्य यजमान जगदीश चंद्र पाटीदार ने भागवत कथा को अपने सिर पर रखकर पंडित जी एवं भक्तों के साथ भागवत कथा को नगर भ्रमण करवाया जिसमें महिलाएं नृत्य करते हुए चल रही थी पूरे नगर में पुष्प वर्षा कर भागवत कथा एवं पंडित जी का स्वागत किया गया
पत्रकार संगठन ने सम्मान किया

भागवत कथा में नगर पत्रकार संघ की ओर से पंडित श्री केशव जी चतुर्वेदी का पुष्प माला पहना कर प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मान किया,इस अवसर पर पत्रकार संजय उपाध्याय , सुरेश चन्द्र परिहार , जीवन राठौड , धर्मेंद्र प्रजापत, अमित पाटीदार ने पंडित जी का सम्मान कर व्यास पीठ से आशीर्वाद लिया।