@Voice Of Jhabua

भारत का हृदय आज भी गांव को बोला जाता है,क्योंकि गांव में आज भी संस्कृति और प्रकृति का माहोल देखा जा सकता है,कहते हे की भारत की सबसे बड़ी सरकार वहा की पंचायत होती है परंतु ये पंचायत आज भी अपने स्तर की समस्या निपटने में नाकाम दिखाई दे रही हे,बात झाबुआ जिले ग्राम पंचायत कलमोड़ा की हो रही है जो आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है,जिसके कारण वहा के साथ रहवासी आज भी हर समस्या से दो दो हाथ करने दिखाई देते नजर आ रहे है,कलमोड़ा में स्थित हनुमान मंदिर रोड से आंगनवाड़ी तक लगभग 5 किलोमीटर तक का कच्चा रोड है परंतु गांव में आने जाने के लिए मात्र एक ही रास्ता होने से आने जाने के लिए कठिनाइयों से जद्दोजहद करना पड़ रहा है।
15फलियो में रहने वाले 3हजारी आबादी वालो को करना पड़ रहा संघर्ष
ग्राम पंचायत कलमोड़ा में लगभग 15फलिए है जिसमे लगभग 3हजार से ज्यादा आबादी रहती है जो दूरस्थ जाने के लिए कच्चे रास्ते के उपयोग करती है जिससे काफी संघर्ष करना पड़ता है परंतु वही संघर्ष बरसात के दिनो मे आवागमन करने वालो के लिए हादसे में तब्दील हो जाने का डर पैदा कर देता है।
बरसात में अधिक परेशानी का सामना करना पढ़ता हे आमजन को
3हजारी आबादी वाले कलमोडा के रहसवासियो को आज भी मूलभूत सुविधा से सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में बरसात के दिनों पंचायत के बच्चो को स्कूल जाने के लिए और बीमार व्यक्ति को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता हे,क्योंकि बरसात के दिनों में अत्यधिक बारिश के चलते आवागमन करना मौत के मुंह से निकलने जैसा होता है,गांव में दो नदी के बीच में 8फलियों के रहवासी को नदी को पार करने के लिए काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है,और बरसात अधिक होने के कारण ये तकलीफे और बढ़ जाती है,पूर्व में भी गांव में उक्त घटना घटित हो चुकी है जिसके कारण गर्भवती महिला को सही समय पर अस्पताल नही ले जाने के कारण जान चली गई।
ग्रामीणों का कहना है की उक्त समस्या को लेकर पंचायत की बैठकों में बोल दिया गया है वही पूर्व में भी संगठन द्वारा भी समस्या को लेकर सूचना दे दी गई थी परंतु आज दिन तक समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है।
विजय मेड़ा
प्रदेश मीडिया प्रभारी
हिंदू जनजाति संगठन