Homeझाबुआझकनावदासोयाबीन फसल के कम दाम मिलने से किसान संघ हुआ बेकाबू ,मुख्यमंत्री...

सोयाबीन फसल के कम दाम मिलने से किसान संघ हुआ बेकाबू ,मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम सोपा ज्ञापन अन्नदाता को आक्रोशित होकर मजबूरी में उतरना पड़ा सड़को पर सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ नगर के प्रमुख मार्गो से होकर निकाली गई किसान आक्रोश रैली

पियुष राठौड झकनावदा

झकनावदा – सोयाबीन के भाव बढाने को लेकर उप तहसील झकनावदा क्षेत्र के किसानों ने मंगलवार को किसान ट्रैक्टर यात्रा निकाली। किसान यूनियन के मनोहर सिंह सेमलिया ने कहा कि सोयाबीन के भाव बढाने को लेकर हमारे द्वारा करीब 50 ट्रैक्टरो की यात्रा का प्रदर्शन किया गया।

इसके साथ ही सरकार से हमारी मांग है कि हमारी फसल सोयाबीन का भाव 6 हजार से 8 हजार तक किया जाना चाहिए। इसमें सभी किसानों का समर्थन जरूरी है।

मंगलवार को प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के नाम से झकनावदा उप तहसील पर पटवारी ह.नं.75 के भंवर सिंह गुंडिया व लेखापाल अनिल कटारा को एवं झकनावदा चौकी प्रभारी प्रहलाद सिंह चुंडावत को ज्ञापन सौपा जिसमे क्षैत्र के समस्त किसान अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित हुए।

इसके साथ ही ज्ञापन में दर्शाया की आपकी सरकार सदैव किसानों के हित में केवल बात करती है व किसानों के फायदे के लिए हमेशा बातें करती नजर आती है लेकिन वर्तमान स्थिति में प्रत्येक किसान सोयाबीन व अन्य फसलों के कम भाव के कारण बड़ा नुकसान झेल रहा है लागत से भी कम भाव में फसल बिकती है व किसान निरंतर कर्ज में डूब कर आत्महत्या करने को मजबूर होते जा रहे हैं।

जिससे कि हम किसानों का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है इस हेतु हम समस्त झकनावदा उप तहसील क्षेत्र के किसानों की मांग है कि हमारे सोयाबीन की फसलों का समर्थन मूल्य 6 हजार से 8 हजार क्विंटल किया जावे।

जिससे किसानों का फायदा हो सके और यदि व्यापारी वर्ग सोयाबीन की फसल को इस भाव में नहीं खरीद पाता है तो जिस प्रकार सरकार गेहूं की फसल को समर्थन मूल्य पर ट्राई कर रही है

उसी प्रकार सोयाबीन की फसल को 6 हजार से 8 हजार के भाव में सरकार स्वयं खरीदें जिससे हम किसानों का फायदा हो सकेगा और किस सदैव सरकार का आभारी रहेगा और सरकार यदि यह मांग नहीं मानती है तो हमको उग्र आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!