Voice of झाबुआ
बृजेश खंडेलवाल
आम्बूआ:- श्रावण मास के समाप्ति के अंतिम दिन भाई बहनों का पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन की सभी दुकानों पर चहल-पहल देखी गई! पहले रक्षाबंधन त्यौहार शहरों एवं कस्बा स्तर तक सीमित रहता था! मगर विगत वर्षों से जिस तरह से भीलवट बाबा, भगोरिया एवं होली आदि पर ग्रामीण अंचलों के लोगों की खरीदारी एवं कस्बे में चहल पहल देखी जाती थी! वर्तमान में रक्षाबंधन के त्यौहार को लेकर ग्रामीण अंचलों के युवा -युवती एवं समस्त जनों को खरीदारी करते देखा जा सकता है!

हमारे संवाददाता के अनुसार आज मिष्ठान की दुकान पर एवं राखियो की दुकान पर बहनों की भीड़ देखी गई! और भाइयों को भी बहनों के लिए रिटर्न गिफ्ट, कपड़े एवं आधुनिक आभूषण खरीदने देखा गया! किस प्रकार रक्षाबंधन त्यौहार का महत्व भी अच्छे व्यापार में देखा जा सकता है! राखियां बेच रहे

मोहम्मदी बोहरा एवं आशीष राठौड़ ने बताया कि इस बार राखी गत वर्ष से अधिक राखी बिकी है! मिठाई विक्रेता रितेश भूरिया ने बताया कि हमारे मिष्ठान भंडार पर तरह-तरह की मिठाइयां बनाकर सजाई गई थी और उसकी प्रतिवर्ष से अधिक बिक्री हुई है जिससे हम खुश हैं! रक्षाबंधन पर्व को लेकर क्षेत्र के आदिवासी नेता महेंद्रसिंह रावत ने बताया कि रक्षाबंधन भाई बहन के पवित्र रिश्ते को ग्रामीण अंचलों में भी महत्व दिया जा रहा है और बड़े ही धूमधाम से रक्षाबंधन पर्व को मनाया जाता है।