अलीराजपुर । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलीराजपुर श्री काशीनाथ सिंह साहब के मार्गदर्शन में नवोदय विद्यालय अलीराजपुर में “विश्व आदिवासी दिवस“ के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में श्री आर.पी. सेवेतिया सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री सुभाष चौधरी जिला विधिक सहायता अधिकारी, श्री राजेश राठौड चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अलीराजपुर द्वारा सहभागिता की गई।
विधिक साक्षरता शिविर में सचिव श्री आर.पी. सेवेतिया ने विश्व आदिवासी दिवस मनाने का कारण बताते हुए विद्यार्थियों को जानकारी दी कि भारत ही नहीं दुनिया के अन्य देशों में आदिवासी समुदाय के लोग रहते है, जिनका रहन-सहन, खानपान, रीति-रिवाज सब कुछ आम लोगों से अलग होता है। समाज की मुख्यधारा से कटे होने के कारण आदिवासी समाज आज भी पिछड़े हुए है। यही कारण है कि भारत सहित अन्य देशों में उनके उत्थान के लिए, इन्हें बढ़ावा देने और उनके अधिकारों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रत्येक वर्ष 09 अगस्त को “विश्व आदिवासी दिवस“ मनाया जाता है। साथ ही विद्यार्थियों को साइबर क्राइम, चाइल्ड हेल्पलाइन, पुलिस हेल्पलाइन, यातायात नियम, महिलाओं एवं बच्चों के कानूनी अधिकार आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सुभाष चौधरी ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 1994 से की गई थी, इसे मनाने का मूल उद्देश्य आदिवासी संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपराओं को संजोए रखना है तथा इन्हें आने वाली पीढ़ी को विरासत के रूप में देना है। आज भी आदिवासी समाज के लोगों को अपना अस्तित्व, संस्कृति और सम्मान बचाने के लिए संघर्ष करना पड रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि अपने कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं होना। ऐसे में विधिक सेवा प्राधिकरण इन्हें विधिक सहायता प्रदान करने तथा इनके कानूनी अधिकारों के संरक्षण हेतु कार्य कर रहा है।
श्री राजेश राठौड द्वारा छात्र-छात्राओं को दिनांक 01 जुलाई 2024 से लागू हुए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा भारतीय संविधान, मूल कर्तव्य एवं अधिकारों के बारे में बताया।
उपस्थित रहे। शिविर में संस्था प्राचार्य श्रीमती सविता पाठक, समस्त स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित थें। उक्त जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी गई ।