मनीष अरोडा
अलीराजपुर । “जोबट विधानसभा में आदिवासी समाज के द्वारा हजारों वर्षों से जिस भूमि पर पीढ़ियां जीवन यापन करती रहीं हैं उसमें से हजारों हेक्टेयर जमीन को खनन हेतु नीलाम बोली लगा दी गई हैं और अभी तो ये शुरुआत हैं इस विधानसभा क्षेत्र में कम से कम आधा दर्जन से ज्यादा स्थानों पर खान एवं खनिज मंत्रालय नीलामी करने वाला है, हमें अपनी भूमि बचाने के लिए सर्व आदिवासी समाज को लेकर बड़ा जन आंदोलन करने की आवश्यकता है अन्यथा काफी समय से सत्तासीन भाजपा नेता और जिला प्रशासन अब तक हमेशा हर बार हमे इस मामले में अंधेरे में रखतें आए हैं, परंतु अब हम किसी भुलावे में नहीं आएंगे, हम हमारे क्षेत्र में खनन हेतु भूमि नहीं देंगे, चाहे इसके लिए हमें सरकार की गोली भी खाना पड़े।” उक्त उदगार जोबट की अगाल धर्मशाला मे सर्व आदिवासी समाज की बैठक में पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष महेश पटेल ने व्यक्त किए।

सैकड़ो जन की उपस्थिति में आयोजित इस बृहद स्तर की बैठक में विधायक सेना महेश पटेल की मौजूदगी में भाजपा की केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा अलीराजपुर जिले के आदिवासी क्षेत्र खट्टाली में रचाये गए षड्यंत्र को रोकने हेतु आंदोलन की रूपरेखा समाज के वरिष्ठ तथा युवजन के साथ मिल कर बनाई गई ।इस बैठक में जोबट विधानसभा क्षेत्र के अनेक युवा तथा वरिष्ठ नेताओं सहित सैकड़ो आदिवासी किसान भी मौजूद थे इस अवसर पर विधायक सेना पटेल ने कहा कि सर्व विदित हैं कि अलीराजपुर जिला 93 प्रतिशत आदिवासी बहुल क्षेत्र है यहां पर आदिवासी किसान का मुख्य पेशा खेती हैं। जिससे आदिवासी बंधु अपना परिवार का भरण किसान खेती कर अपना परिवार का भरण पोषण कर जीवन यापन करता है ऐसे में केंद्र सरकार और राज्य की सरकार इस क्षेत्र में आदिवासी किसान की हजारों हेक्टेयर भूमि को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू करने और 600 हेक्टेयर भूमि को खनन प्रक्रिया में लेने एक सोची समझी साजिश केंद्र वह राज्य की भाजपा सरकार की दिखाई देती है इस षड्यंत्र को रोकने के लिए जिला कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष महेश पटेल और जोबट विधायक सेना पटेल ने पत्रकार वार्ता लेते हुवे इस खनन साज़िश को रोकने के लिए जनआंदोलन की चेतावनी दी

जोबट के अगल धर्मशाला मे आयोजित पत्रकार वार्ता में पटेल दंपत्ति ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश, झारखंड और राजस्थान के आदिवासी बहुल इलाकों में खनिज खनन हेतु केंद्र तथा राज्य शासन ने लाखों हैक्टेयर भूमि को चिन्हित कर लिया है जिसमें अलीराजपुर जिले के जोबट विधानसभा में हजारों हेक्टेयर जमीन पर खनन हेतु ब्लॉक निर्धारित कर दिए हैं चंद्रशेखर आज़ाद नगर, भाबरा ,उदयगढ़,कट्ठिवाडा भी इससे अछूता नहीं है साथ वहीं समीपस्थ धार जिले में भी ऐसे ही अनेक ब्लॉक खनन हेतु नीलामी में शामिल किए गए हैं। दुःख यह है कि शासन-प्रशासन ने आदिवासी समाज को इस मामले में हर बार अंधेरे में रखा। यानी धोखाधड़ी करते रहें।

सन 2003 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम एपीजे अबुल कलाम साहब ने अनुसूचित क्षेत्र के रूप में झाबुआ अलीराजपुर को घोषित किया था परंतु राष्ट्रपति द्वारा इस क्षेत्र की अस्मिता के लिए दिए गए आदेश को भी भाजपा सरकार द्वारा ताक पर रख दिया है साथ ही ज़िले में पैसा एक्ट क़ानून का भी कोई महत्व नहीं रखा जा रहा पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर अधिनियम) में भी 17 अगस्त 2023 को संशोधन किया गया हैं ताकि आदिवासी बहुल इलाकों में खनन हो सके वर्तमान हालात यह हैं कि जोबट क्षेत्र में कम से कम छह ब्लॉक का सरकार द्वारा निर्धारण हो गया हैं और ये कुल भूमि करीब 4000 हेक्टेयर हैं यानी करीब 10000 एकड़ भूमि। हमारा कहना है कि केन्द्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा आदिवासी समाज के साथ लगातार धोखाध़डी की जा रही हैं उनकी नजर में आदिवासी बहुल इलाकों की भूमि से बेदखल करने की साज़िश है और इसमें जिला प्रशासन भी पूरी तरह से शामिल हैं भाजपा के सारे नेताओ तथा जनप्रतिनिधियों की इसमें बढ़चकर सहमति बनीं हैं तभी तो 600 हेक्टेर के ब्लॉक की नीलामी हो गई हैं।

मप्र की भाजपा सरकार इस मामले में पूरी तरह झूठ बोल रही हैं क्योंकि 8 सितंबर 2021 को ही इस योजना की पूरी जानकारी मप्र शासन के पास थी कि इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में खनन किया जाएगा। कुल मिलाकर जिले के भाजपा नेता, प्रदेश और देश की भाजपा सरकार को आदिवासियों की चिंता नहीं हैं और इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में खनन के विरुद्ध बड़ा जनआंदोलन अलीराजपुर कलेक्टर कार्यालय में किया जाएगा जिसमें अलीराजपुर के आसपास के जिले के आदिवासी किसान भी शामिल होंगे आज कार्यक्रम में ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष ओम राठौर ,सहित कई समाजिक कार्यकर्ता, अलग अलग आदिवासी समाज के जनप्रतिनिधि ,शामिल रहे!!