वॉइस ऑफ़ झाबुआ-
झाबुआ। विगत दिनों झाबुआ नगर पालिका परिषद के कर्मचारीयों के साथ शासकीय कार्य में बांधा डालने वाले लोगों पर आब धाराएं बड़ाई गई है, बताया जाता है कि झाबुआ नगर पालिका के कर्मचारी मटन विक्रेताओं के यहां पहुंचे थे, तब मटन विक्रेता कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली गलोच एवं हथापाई पर उतारू हो चले थे। उसके बाद मामला थाने तक पहुंच गया था लेकिन अब कानूनी डंडा शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले मांस मटन विक्रेता पर एससी, एसटी के तहत धारा बड़ाई गई है, अब शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों की लगता है खैर नहीं है, जिससे आने वाले समय में इन विक्रेताओं पर संकट नजर आने वाला है।

विगत दिनों नगर के वार्ड क्रमांक 4 रोहितदास मार्ग मे नगर पालिका परिषद का अमला सीएमओ के नेतृत्व मे मांस मटन विक्रेता के यहां कार्यवाही करने पहुंचा तब वहाँ दुकान मे अंदर खाने मांस मटन का विक्रय किया जा रहा था, ज़ब वहाँ नगर पालिका की टीम कार्यवाही करना शुरू की तो मांस बेचने वाले व्यापारी तिलमिला उठे, मांस मटन विक्रेता पूरे परिवार सहित नगर पालिका टीम पर हावी हो गए, और विक्रेताओं ने नपा टीम की एक न चलने दी, और शासकीय कार्य को बाधित करने में मांस मटन विक्रेताओं ने कोई कमी नहीं छोड़ी, और नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार कर छिना झपती करने लगें एवं गाली गलोच कर दबाव बनाया गया था, वही

कुछ महिला कर्मचारियों से मारपीट कर धमकिया तक दे डाली थी, सीएमओ संजय पाटीदार द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर थाना पुलिस द्वारा अधिनियम 1860 की धारा 353, 323, 269 के तहत शाहरुख़ पिता शलिम, सोनू पिता सलीम, सलीम पिता हकीम, रहीश पिता हकीम पर मामला तब दर्ज किया गया था ओर अब मामले की विवेचना के बाद धारा 3 (2) (v) (A) एससी, एसटी के तहत धारा बड़ाई गईं है,
अब देखने वाली बात है कि मामले के कई दिनों के बाद नगर पालिका के अधिकारी एवं कर्मचारीयों को थाने पर बार बार बुलाकर परेशान करने वाली पुलिस अब इन मांस विक्रेताओं को शासकीय कार्य में बाधा डालने पर ओर एससी, एसटी धारा लगने के बाद गिरफ्तार करती है या नहीं..? जिसको लेकर चौराहे पर लोग तरह तरह की चर्चा करते सुन जा रहे हैं।