दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
आजादी के इतने सालो बाद जिस जिले में पानी की जगह शराब ज्यादा मिलती हो ऐसे जिले अलीराजपुर में आज से पहले बनी राजनेतिक पार्टियों और उनके नेताओ और जनप्रतिनिधियों और कार्यक्रताओं ने आदिवासी अंचल में देशी और विदेशी शराब को पानी की जगह पहुंचाया हो ऐसी राजनेतिक पार्टियों और पार्टी के लोगो को आदिवासी क्षेत्र की जनता को अलविदा कह देना चाहिए जिन भी राजनेतिक दलों के नेताओ का अब उद्देशय जनता की सेवा नही जनता के वोट लेकर मेवा खाने और संपति बनाने का है बड़े बड़े राजनेताओं और उनके परिवार के लोगो ने जनता के चुनावी पर्व को एक व्यवसाई बनाकर रख दिया है चुनाव आते ही सभी बड़े नेता और उनके गुर्गे लोगो को खरीदने और धमकाने लग जाते है जो नही समझता उसका हिसाब चुनाव बाद कर लिया जाता है । जनता वोट इस उम्मीद के साथ करती है की यह कुछ नया करेगा लेकिन जनता का हितेषी बनकर हर बार जनता को उल्लू बना दिया जाता है जनता आज भी बिजली पानी सड़क रोजगार और स्वास्थ जेसी मूलभूत सुविधाओं के लिए नेताओ और राजनेतिक पार्टियों की ओर टक टकी लगाकर आज भी राह देख रही है लेकिन आज तक जिले में कोई भी जनता का जनहितैषी नेता नही आया कुछ काम मैदानी स्तर पर हुवे है लेकिन वो भी उट के मुंह में जीरे के समान है ।जबकि उट कितना बड़ा और उसका पेट कितना बड़ा होता है जिसको भरने में कितना समय लगता है उसकी प्रकार अलीराजपुर में जनता के हित की बात और जनता की मूलभूत सुविधाएं कब पूर्ण होगी और यह जिला कब विकसित जिले की श्रेणी में आएगा जबकि आजादी से लेकर अब तक लाखो हजारों करोड़ रूपया आदिवासी समाज के विकाश के लिए जिले में भेजा गया है लेकिन धरातल पर राजनेताओं के कमिसन खोर ठेकेदारों और उनके चवन्नी छाप कार्यक्रताओं ने और जनप्रिनिधियो और प्रशासन ने उस राशि का बंदर बाट किया जिसका खामियाजा आज भी आदिवासी समाज और अन्य समाज को भुगतना पड़ता है और आज भी रोजगार के लिए गुजरात और राजस्थान महाराष्ट्र और तमिलनाडु और अन्य राज्य में भी मजदूरी के लिए जाना पड़ रहा है जबकि इस क्षेत्र में भूमि उपजाऊ पानी नर्मदा का पर्याप्त है और अन्य नदियों में भी वर्ष भर पानी रहता है ।बिजली और अन्य सुविधाओं से सिंचाई कर उन्नत तकनीकी से खेती को लाभ का धंधा बनाकर लाखो लोगो को अपनी ही खेती में रोजगार दिया जा सकता है लेकिन नही गुजरात और राजस्थान और महाराष्ट्र और अन्य राज्य को बेरोजगार मजदूर देकर मध्यप्रदेश की जो भी सरकार है वो कंपनी और अन्य लोगो से जो राशि मिलती होगी वह नही मिल पाएगी ।आज आजादी के 76 वर्षो बाद भी सभी राजनेतिक दलों के नेताओ जो विकाश के नाम पर वोट तो जरूर मांगते है लेकिन विकास क्या है यह जानते नही सभी को समुहित रूप से मां नर्मदा में डूब मरने की आवश्यकता है ।