चल समारोह गाजे बाजे के साथ श्री राधा कृष्ण मंदिर से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, मालटोडी,कुंदनपुर चौराहा,आज़ाद चोक से होते हुए पुनः श्री राधाकृष्ण मंदिर पर पहुंचा जहा विधिवत मां अम्बे की घटस्थापना की गई।

चल सम्मारोह में पिटोल के सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रख चल समारोह में सम्मलित हुए।चल समारोह में पिटोल के आस पास एवं गुजरात के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। सरदारपुर से आए अखाड़े रहे विशेष आकर्षण का केंद्र………

नवयुवक मंडल के द्वारा चल समारोह में कई विशेष आकर्षण बुलाए गए थे,जिसमे मां अम्बे की प्रतिमा के लिए गोधरा से बग्गी,झालोद की झंकार ताशा पार्टी ने अपने ताशो की थाप पर युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया ,गुजरात के आदिवासी गायक तरुण डामोर एवं उनकी टीम ने भी अपने आदिवासी गानों से लोगो को नाचने पर मजबूर कर दिया,सरदारपुर से आए केसरी नंदन अखाड़ा पार्टी के बाल कलाकारों ने अपने हैरत अंगेज करतबों से लोगो को दांतो तले उंगलीया चबाने को मजबूर कर दिया, ।
केरल प्रदेश कुचिपुड़ी नृत्य ने भी लोगों की खूब तालिया बटोरी,स्थानीय रंगीला डी जे साउंड ने भी भक्तो को खूब नचाया। चल समारोह का ग्रामीणों ने जगह जगह पुष्प वर्षा एवं जल सेवा कर चल समारोह का स्वागत किया। चल समारोह में आगामि विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के भानु भूरिया,शांतिलाल बिलवाल और धनसिंह बारिया भी चल समारोह में शामिल हुए ,भाजपा के शांतिलाल एवं धनसिंह बारिया एक समय पर चल समारोह में सम्मिलित हुए ,एवं भानु भूरिया उनके जाने के बाद चल समरोह में आए…तीनो भाजपा नेताओं का आना ग्रामीणों के बिच राजनीति चर्चा का विषय बन गया।
