
सुनिल डामर
आज पुरे मध्य प्रदेश में विकास यात्राएं निकाली जा रही है, विकास पर्व मनाया जा रहा है,वही प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान विकास के बड़े-बडे दावे और मंचों से बड़ी-बडी घोषणाएं करते है व मध्यप्रदेश की सड़कों की तुलना अमेरिका की सड़कों से करते नहीं थकते हैं।लेकिन गांवों में सड़कों की धरातलीय स्थिति कुछ ओर है।ऐसा ही एक गांव झाबुआ जिले के थांदला जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत परवाडा का है। जो राजस्थान कि सीमा से लगा हुआ है।यहां से नजदीकी सीमा राजस्थान के बड़ी सरवा जाने के लिए सीधा रास्ता है जो मात्र 4 किमी.है।जो काफ़ी ख़राब है और इसी रास्ते से ग्रामीणों का आना-जाना रहता है जो मुश्किल भरा होता है।इस रोड़ के बनने से ग्रामीणों को काफी सुविधा होगी।
आपकों बता दें कि पिछले दो माह पूर्व जून में यहां जिला पंचायत के उपचुनाव हुए हैं।और चुनाव प्रचार-प्रसार में सांसद गुमानसिह डामोर,विधायक विरसिंग भूरिया व कांग्रेस भाजपा के कई बडे नेता इस रोड़ से गुज़रे लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। परवाडा के ग्रामीणों का कहना है चुनाव आते ही कांग्रेस-भाजपा के नेता इसी रोड़ से वोट लेने आते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं व कहते हैं कि हमें वोट दो हम आपकी समस्या दूर करेंगे। लेकिन जीतने के बाद सारे वादे भूल जाते हैं। आक्रोशित ग्रामीण कहते हैं कि इस बार विधानसभा चुनाव में फिर भाजपा कांग्रेस के नेता वोट के लिए यहां आएंगे लेकिन हम इस बार दोनों पार्टियों के नेताओं का विरोध करेंगे,व जब तक रोड़ नहीं तब तक वोट नहीं देंगे।