दिलीप सिंह भूरिया
अलीराजपुर जिले का चंद्र शेखर आजाद नगर ब्लॉक जिसमे 250 पचास से भी अधिक विधायक है जिनमे प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, हॉस्टल, छात्रावास, कन्या शिक्षा परिसर , एक्लव्य विद्यालय जिनमे प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में स्थानीय समूह द्वारा भोजन दिया जाता है जो की मीनू अनुसार कभी भी नही दिया जाता और जिन समूह को भोजन देने की जवाबदारी होती है उन्होंने आज तक कभी भी शासन प्रशासन द्वारा दिए गए मीनू अनुसार भोजन दिया ही नहीं ब्लॉक के सारे प्राथमिक विद्यालय,और माध्यमिक विद्यालयों में घटिया किस्म का खाना खिलाया जा रहा है आदिवासी अंचलों में जहा के।छात्र छात्राओं के माता पिता अनपढ़ है अशिक्षित है वहा तो खाना दिया ही नहीं जा रहा है । स्कूल के अलावा आंगनवाड़ियों की भी इससे भी बुरी दुर्दशा है जहा कोई देखने भी वाला नही है ।समूह और ब्लॉक के अधिकारी कर्मचारी जिनको भोजन की व्यवस्था देखनी है वह छात्र छात्राओं के भोजन की राशि में से भी कमिसन लेकर अपनी तिजोरियां भर रहे है और हर समूह को घटिया खाना बनाने के लिए खुद ही मजबूर कर रहे है क्योंकि कमिसन की राशि जब ले ली जाती है तो समूह सामग्री केसे प्रयाप्त खरीदेगा। जिसके कारण पतली दाल बनाकर ही छात्र छात्राओं को खिलाया जा रहा है ।ना सब्जी ना पूरी न खीर बस दाल रोटी और कभी कभी आलू की सब्जी खिलाकर समूह और स्कूल विभाग के शिक्षक जो छात्र कम होने के बाद भी छात्र और छात्राओं की उपस्थिति ज्यादा दर्ज कर समूह की मदद करते है और बदले में समूह से कमीशन लेते है ।और समूह भी तड़वी, सरपंच, चौकीदार , पंच और गांव के दबंग लोगो के परिवार से बने है और समूह में सिर्फ अध्यक्ष और सचिव की चांदी हो रही है बाकी लोगो को तो पता ही नही है की हम भी समूह में है ।अगर व्यवस्थित जांच की जाए तो उसमे भी कई नाम फर्जी होंगे और होंगे भी तो कई समूह की महिलाएं हाल फिलाल में गुजरात मजदूरी कर रही होगी और उनके फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान से ही सब कुछ खेल हो रहा होगा और यह करना एक अपराधिक श्रेणी में आता है जिला कलेक्टर महोदय को खुद सभी विद्यालयों में अचानक की निरीक्षण कर भोजन की।गुणवक्ता की जांच करनी चाहिए जिससे मध्यान भोजन की जो दुर्दशा कर रखी है वो अच्छी हो जाए ।