जी हां हम बात कर रहे हैं अलीराजपुर जिले के ग्राम बोरी की एसपी साहब बोरी में अवैध कार्य का अड्डा बना हुआ है यहां पर कई लोग बाहर से आकर तो कई स्थानीय निवासी ही जुआ-सट्टे और तितली भंवरा का खेल खूब चला रहे हैं, आश्चर्य की बात तो यह है कि एक बार पुलिस जब सट्टा संचालक स्थल पर गए तो पुलिस को भी सट्टा खाईवाल के परिवारों की महिलाओं ने पीटा था और इतनी बुरी तरह से पीटाई की थी कि एक पुलिस कर्मी को भर्ती तक करना पडा था। पुलिस को भागना भी पडा था जिसका वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। उस समय लच्चु नाम का सटोरिया जो झाबुआ से जिलाबदर है वो संचालित करवा रहा था सुत्र बताते है मामले को इसलिए शांत कर दिया गया था क्योकि सटोरिये लच्चु के पास एसडीओपी साहब के ड्राइवर की आॅडियों थी जिसमें लेनी देनी की बात रिकार्ड थी एक बार फिर बोरी पुलिस उसे संरक्षण दे रही है।
पुलिस अधीक्षक महोदय जनचर्चा है कि बोरी पुलिस को ऐसी रूपयों की कितनी लालच की मार खाने के बाद भी फिर से बडे पैमाने पर सटटा चलवा रही है। इससे पुलिस की खाकी ही बदनाम हो रही है कि चंद रूपयों के खातीर पुलिस कुछ भी कर सकती है। बडी शर्म की बात है। सटोरियों को संरक्षण देकर बोरी पुलिस लोगों के घर बर्बाद कर रही है या फिर यूं कहे सटोरियों से बोरी पुलिस डर गई है या फिर गांधी छापों के सामने नतमस्तक हो गई है। क्योंकि इतना कुछ होने के बावजूद पुलिस की नाक के नीचे अवैध सट्टा कारोबार संचालित होना पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान खडे होना जायज है।
बोरी आसपास ग्रामीण क्षेत्र के लोग हो रहे हैं बर्बाद
क्षेत्र का आदिवासी समाज सहित अन्य सामान भी इस जंगल में फस चुका है और कईयों के घर बर्बाद हो रहे हैं सच में जमीन गिरवी रखकर गहने गिरवी रखकर को पैसे उड़ाए जा रहे हैं, कईयों के घर बर्बाद हो चुके हैं।