सच में कल्याणपुरा पुलिस वाकय में तारिफें काबिल है…वाहवाही लुटने के लिए कुछ भी कर सकती है… बीते कुछ दिन पहले यानी 9 अप्रैल ही पुलिस विभाग से एक प्रेस नोट जारी किया,कल्याणपुरा पुलिस ने रात्रि 2 बजे के लगभग झाबुआ रोड पर कल्याणपुरा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान दो मोटरसाकिइल चालक दुर आकर रूके एवं मोटरसाइकिल पल्टा कर झाबुआ की ओर भागने लगे जिसका पुलिस ने पीछा किया फासला काफी होने के कारण मोटरसाकिइल चालक कटी घाटी के पास रोड के साथ में गढडे में मोटरसाइकिल फेंक कर भाग निकलते जिसकी तलाश की किन्तु नही मिले,मौके से दो मोटर साइकिल जप्त की गई।
ये जारी प्रेस नोट में कल्याणपुरा पुलिस ने जानकारी दी…अब पुलिस कह रही है फांसला काफी था और मोटरसाइकिल छोड कर चोर भाग निकले और पुलिस ने मोटरसाइकिल जप्त की…जबकि सुत्रों की मानें तो सुबह अज्ञात मोटरसाइकिल पडी देख ग्रामीणों की भीड एकत्रित हुई और भीड ने पुलिस को सुचना दी कि दो मोटर साइकिल इस स्थान पर पडी है… इस बात की सुचना सोशल मीडिया पर भी डाली गई थी रहवासियों द्वारा लेकिन पुलिस ने अपनी वाहवाही लुटने के लिए पुलिस कहानी ही बदल दी… जनचर्चा है कि अगर फांसला ज्यादा था तो चोर गाडी छोड कर थोडी भागते…. और गाडी छोड कर भागे भी तो रात में ही मोटरसाइकिल जप्त की प्रेस नोट में बात कही गई तो सुबह तक गाडी वहां क्यों पडी थी… और रहवासियों ने क्यों उक्त गाडियां यहां पडी है का मेसेज सोशल मीडिया पर डाला।बडी बात तो यह है कि पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी कल्याणपुरा पुलिस ने झुठी कहानी पेश की और प्रेस नोट जारी कर वाहवाही लुट ली… और इस कहानी से क्षेत्रवासी संतुष्ट नही थे ऐसे में किसकी छवि धुमिल हुई पुलिस अधीक्षक महोदय की… ऐसे झुठी कहानी बनाकर वाहवाही लुटने वालों के खिलाफ क्यों न कार्रवाई हो।
अगले अंक मै पढ़िए शराब की गाड़ी पकड़कर किसने किया 2लाख 50हजार मै मामला रफा दफा