एक तरफ जहां प्रदेश के मुखिया विकास यात्रा निकाल रहे हैं और कई विकास कार्यों का लोकार्पण कर रहे हैं,साथ ही शासन द्वारा शिक्षा व स्कूली बच्चों की सुख सुविधाओं पर लाखों रुपए खर्च कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की स्कूलोें हालात आज भी वैसे के वैसे ही हैं,ताज़ा मामला ग्राम पंचायत पाटडी के अंतर्गत आने वाली शासकीय माध्यमिक विद्यालय कुंडियापाडा का है जहां माता पिता बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते है और शाम को स्कूल की छुट्टी होने के बाद इंतजार रहता है कि बच्चा अब घर आएगा,लेकिन बच्चों के माता-पिता को क्या मालूम कि हमारे बच्चे किसी दिन स्कूल से घर नहीं आ पाएंगे?क्योंकि बच्चों को स्कूल से शिक्षक द्वारा कुएं पर पानी भरने भेजा जाता है और वहां यदि बच्चा कुएं में गिर जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?वही फिर इस मामले में जिम्मेदार भी पल्ला झाड़ने लगेगे,विडियो में बच्चों द्वारा स्पष्ट कहा जा रहा है कि हमें सर ने पानी भरने भेजा हे लेकिन जिम्मेदार किस तरह पल्ला झाड़ रहे हैं।
इस संबंध में जब हमने संस्था प्रभारी से बात की तो उनका कहना है हम मोटर खराब हो गई थी उसे सुधार रहे थे बच्चों को हमने पानी भरने नहीं भेजा।
अनिल धानक
संस्था प्रभारी शा.मा.वि.कुंडियापाडा