Homeअलीराजपुरअनपढ़ आदिवासियों से तहसीलदार जबरन सड़क के लिए जमीन मांगती दिखी

अनपढ़ आदिवासियों से तहसीलदार जबरन सड़क के लिए जमीन मांगती दिखी

दिलीप सिंह भूरिया

जिले में पेशा कानून बड़े धूमधाम से लागू किया प्रदेश के मुखिया खुद को आदिवासी समाज के हितेषी और आदिवासियों के मामा बनने का ढोंग तो बड़े बड़े मंचो से करने के लिए एक सेकेंड भी नही चूकते ।प्रदेश में महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा प्रदेश में पेशा कानून लागू है लेकिन जिले के कठ्ठीवाड़ा तहसील के ग्राम आमखुट में आज भी तेहसीदार द्वारा गरीब अनपढ़ आदिवासियों से जबरन सड़क बनाने के नाम पर जमीन लेने के लिए पूरे दल बल के साथ पहुंची और उनको धमकाते हुवे अपने तहसीलदारी रोब झाड़ते हुवे जमीन देने के लिए बोल रही है वैसे तो प्रदेश में पेशा कानून लागू है लेकिन माननीय तहसीलदार महोदया ने गरीब आदिवासियों से ऐसा व्यवहार किया जैसे भारत देश जब गुलाम था और लोगो पर अंग्रेजी हुकूमत में गुलाम लोगो पर किया जाता है ।अगर अनपढ़ आदिवासी समाज पर ऐसा अत्याचार हो रहा है ।कोई भी आदिवासी संगठन आज दिनांक तक कोई भी सामने नही आया ।जिले में ऐसा कई कुर्ता छाप नेता और कई सामाजिक कार्यक्रता बनकर बड़े बड़े काम करने और बड़े बड़े भाषण जरूर दे देते है और समाज सुधारक और समाज के आदिवासियों को किसी भी प्रकार से न्याय दिलाने की बात तो करते है ।लेकिन अपने ही जिले में न्याय कर रहे अधिकारी और कर्मचारी आदिवासी होते हुवे भी आदिवासी समुदाय से जबरन पेशा कानून से तहद जमीन हड़पड़े और सड़क निर्माण बिना किसी सहमति के लेना पेशा कानून के विरुद्ध है । माननीय तहसीलदार महोदया को जबरन जमीन लेने का कोई भी अधिकार नहीं है स्थानीय तहसीदार अपने अधिकार और ताकत का गलत प्रयोग कर रही है ।सड़क कहा बनाना है वह अब मामला ग्राम सभा का है ग्राम सभा के निर्णय को मानना अब अधिकारियों और कर्मचारियों को मानना पड़ेगा पेशा कानून के अनुसार अधिकारी और कर्मचारी अब अपनी मर्जी से किसी भी आदिवासी क्षेत्रों में दादागिरी से कानून का पालन नहीं करवा सकती है ।

 

सोचने वाला सवाल है ।

माननीय तहसीलदार महोदया आपके ही कार्यक्षेत्र में पुनियावा ट क्षेत्र में सड़क और पुलिया ठेकेदार ने नही बनाया और उसकी पूरी राशि का आहरण कर ली गई है ।लेकिन महोदया को समाचार पत्रों में खबर लगने के बाद भी जु तक नही रेंगी लेकिन जैसे ही नया काम नई सड़क के लिए भरपूर राशि मिलने वाली है ठेकेदार या अन्य लोगो राजनेतिक दबाव व इसका कमिसन देने और लेने के लिए एडी और छोटी का जोर लगाकर गरीब आदिवासी के खिलाफ पूरी एक जुटता के साथ पूरे दल बल के साथ मौजूद थे ।।

 

सोसल मीडिया में चल रहे सड़क मामले की वीडियो सोसल मीडिया ग्रुप में काफी वायरल हो रही है वॉइस ऑफ झाबुआ इस वीडियो की पुष्टि नही करता है ।इसकी सच्चाई की पुष्टि वॉइस ऑफ झाबुआ आगे पीड़ित आदिवासी परिवार से मिलकर आगामी अंक में करेगा।

सविता चौहान तहसीलदार कठ्ठीवाड़ा से वॉइस ऑफ झाबुआ के संवाददाता ने वायरल वीडियो के बारे में बात की तो उन्होंने बताया की मामला सड़क निर्माण को लेकर है हम तो सिर्फ सड़क निर्माण के लिए जमीन की जांच करने के लिए गए थे जिसमे स्थानीय चौकी प्रभारी के साथ उनका बल और स्थानीय पटवारी और गिरदावर सरपंच और ग्रामीण और में संयम वहा मौजूद थे और आदिवासि ग्रामीण ने शासकीय जमीन पर वागड़ बांध रखी है जिसको मुक्त करवाकर आदिवासी क्षेत्रों के विकाश के लिए सड़क बनाना के लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाने गए थे किसी ने हमारा वीडियो सोसल मीडिया में डाल दिया और वह वीडियो में जो दिखाई दे रहा है ।वह पूरा सच नहीं है ।मेरा और कोई आदिवासी परिवार से जाति विवाद नही है ।जो सही होगा में कानून के अनुसार और दस्तावेज के अनुसार ही कार्यवाही होगी किसी के साथ अन्याय नहीं होगा ।

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