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सरपंच संघ अध्यक्ष दिनेश गणावा की पंचायत में ‘जंगलराज’!  पंचायत भवन के हालात देख उठे बड़े सवाल, बोडायता पंचायत की बदहाली बनी चर्चा का विषय !! पंचायत भवन को नहीं संभाल पा रहे सरपंच तो गांव का विकास कैसे होगा?  सरपँच दिनेश गणावा की कार्यशैली भाजपा की छवि कर रही धूमिल ? 

संवाददाता सुनील खोडे 

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पेटलावद। जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बोडायता एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा किसी विकास कार्य की नहीं, बल्कि पंचायत भवन की बदहाल स्थिति को लेकर हो रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पंचायत के सरपंच दिनेश गणावा वर्तमान में सरपंच संघ के अध्यक्ष भी हैं, लेकिन उनकी अपनी पंचायत के हालात देखकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पंचायत भवन की तस्वीर साफ तौर पर बताती है कि भवन के आसपास लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। परिसर में जगह-जगह झाड़ियां उगी हुई हैं, सूखी घास फैली हुई है, पत्थरों और मलबे का ढेर दिखाई दे रहा है। ऐसा प्रतीत होता है मानो पंचायत भवन किसी सरकारी कार्यालय की बजाय उपेक्षा का शिकार कोई परित्यक्त स्थान हो। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में लंबे समय से अव्यवस्थाओं का माहौल बना हुआ है। पंचायत पर पहले भी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं तथा कई मामलों में ग्रामीणों द्वारा शिकायतें भी की गई हैं। इसके बावजूद पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली में कोई विशेष सुधार नजर नहीं आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है

 

कि जब पंचायत का मुखिया अपने पंचायत भवन और उसके आसपास की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण तक सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है, तब गांव में स्वच्छता अभियान, विकास कार्यों और जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति कैसी होगी, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। दिनेश गणावा सिर्फ बोडायता पंचायत के सरपंच ही नहीं बल्कि सरपंच संघ के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति से अन्य पंचायतों के लिए आदर्श प्रस्तुत करने की अपेक्षा की जाती है। लेकिन पंचायत भवन की यह तस्वीर इसके उलट कहानी बयां कर रही है। यदि सरपंच संघ के अध्यक्ष की पंचायत के हालात ऐसे हैं तो जनपद क्षेत्र की अन्य पंचायतों में क्या संदेश जा रहा होगा, यह भी चिंतन का विषय है।

ग्रामीणों द्वारा समय-समय पर पंचायत के खिलाफ मोर्चा खोला गया, शिकायतें की गईं और विभिन्न मुद्दों को प्रशासन के सामने उठाया गया, लेकिन हालात में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। पंचायत भवन की बदहाल तस्वीर अब पंचायत की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर सीधे सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इस स्थिति को गंभीरता से लेते हैं या फिर बोडायता पंचायत की यह बदहाली यूं ही बनी रहती है।

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