संवाददाता – सुनील खोडे
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पेटलावद। पेटलावद पाटीदार पैथोलॉजी लैब इन दिनों काफी सुर्खियों में है। ग्राम पंचायत अमरगढ़ के सरपंच पिंटू भूरिया की खून की रिपोर्ट में विसंगतियां सामने आने के बाद लगातार यह मामला गरमाता जा रहा है, आज सरपंच पिंटू सिंह भूरिया ने पेटलावद में अधिकारियों को शिकायती आवेदन सौपे है और पाटीदार पैथोलॉजी लेब पर कार्रवाई की मांग की है, पिंटू भूरिया द्वारा दिए गए बयान और दी गई रिपोर्ट के अनुसार हमारे द्वारा लगातार खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है, खबर से बौखलाकर पैथोलॉजी लैब के संचालक द्वारा पत्रकार को फोन लगाया गया और उल्टी सीधी सफाई दी गई। सफाई में पैथोलॉजी लैब के संचालक का कहना था कि जब हम मरीज का सैंपल लेने गए तो मरीज ने हमे जिस हाथ मे निडिल लगी थी उसमें से सेम्पल लेने को कहा और दूसरे हाथ से सेम्पल नही लेने दिया। जिस वजह रिपोर्ट में त्रुटी आई है। अब पैथोलॉजी लैब के संचालक द्वारा दी गई इस सफाई में एक बड़ी लापरवाही दिखाई दे रही है की क्या लैब टेक्नीशियन वह मरीज था जो बेड पर लेटा था ?? जिसने कहा कि इस हाथ से ब्लड ले लो तो यह साहब ब्लड लेकर चले आए ?? इन्होंने मरीज को समझाने का प्रयास क्यो नही किया ?? या फिर ब्लड सैंपल लेना ही नहीं था ? एक रिपोर्ट से रुपए कमाने के लिए उन्होंने मरीज द्वारा बताए गए हाथ से ब्लड लेना सही समझा, रिपोर्ट गलत है या सही इसे इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा ? कुल मिलाकर देखा जाए तो अपनी गलती का पूरा ठीकरा पीड़ित सरपंच पर ही थोप दिया। यही नहीं पैथोलॉजी लैब के संचालक द्वारा कहा गया कि हमने एक लड़के को सैंपल लेने के लिए भेजा था। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जो लड़का ब्लड सैंपल लेने पहुंचा था वह वाकई डिग्री धारी था या फिर कोई प्रशिक्षु था। अगर मरीज की जान के साथ खुलेआम अगर इस तरह से खिलवाड़ होता है तो इसे समझ आता है पैथोलॉजी लेब के नाम पर कितना बड़ा षड्यंत्र चल रहा है।
पैथोलॉजी लैब के संचालक यही नहीं रुके उन्होंने पत्रकार पर भी दबाव बनाने का भरपूर प्रयास किया, यहां तक की उन्होंने कह दिया कि आप तो यह सब पैसे के लिए कर रहे हो। अनर्गल आरोप लगाकर किसी तरह मामले को ठंडा करने का प्रयास किया गया, लेकिन गलत के खिलाफ हमारी कलम लगातार चलती रहेगी चाहे कितनी भी धमकियां मिले, कितना भी डराने का प्रयास हो, चाहे फिर षड्यंत्र हो। क्योंकि बात सिर्फ एक पीड़ित की नहीं है आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है अगर इस तरह से स्वास्थ्य के नाम पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ होता है तो खबरें तो जरूर छपेगी।
पैथोलॉजी लैब के संचालक द्वारा दी गई सफाई के बाद हमने जब ग्राम पंचायत सरपंच पिंटू भूरिया से बात की और उनसे जानने का प्रयास किया कि क्या उन्होंने ब्लड सैंपल को अपने हिसाब से देने को कहा था ? तो सीधे तौर पर उन्होंने इस बात को नकार दिया उन्होंने कहा कि मैं तो बीमार अवस्था में बेड पर लेटा हुआ था। और यह मेरा अधिकार नहीं है कि मैं किसी लेब टेक्नीशियन से कहु की आप मेरे हिसाब से ब्लड ले लीजिए। लैब संचालक खुद को बचाने के लिए मुझ पर जबरन आरोप लगा रहे हैं उनके गलती उन्हीं की जांच रिपोर्ट से उजागर हुई है, मुझे तो इस बारे में जानकारी भी नहीं थी।
जल्द पढ़िए अगला अंक….