दिलीप सिंह भूरिया आलीराजपुर ब्यूरो चीफ
आलीराजपुर जिले का बहुचर्चित जबरन जमीन कब्जा कर चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा थाना प्रभारी शिवराम तरोले ने बिना अनुमति बिना बजट के कालियावाव निवासी प्रताप पिता मोती दिव्यांग युवक की जमीन जिसका सर्वे क्रमांक 1628 है जबकि थाना का सर्वे क्रमांक 1636 है थाना प्रभारी द्वारा जबरन कब्जा कर लिया था जिसकी शिकायत युवक प्रताप ने जिला कलेक्टर आलीराजपुर और पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर की लिखित रजिस्टर्ड डाक के द्वारा भेजी थी जिसकी जांच के लिए जिला कलेक्टर ने जिला पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर के द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल को नियुक्त किया जिनके द्वारा प्रताप पिता मोती को दिनांक 12.02.2026 को एक नोटिस प्राप्त होता है

कि आपको आलीराजपुर पुलिस मुख्यालय पहुंचकर आपकी शिकायत के संदर्भ में बयान दर्ज करवाने है बकायदा 19.02.2026 को प्रताप जिला पुलिस अधीक्षक कार्यकाय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करवाए साथ ही अपनी कृषि भूमि के सभी लीगल दस्तावेज भी जमा करवा कर आए और पुलिस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने अपने केबिन में प्रताप को बुलाकर यह आश्वासन दिया कि आपकी भूमि आपकी है और हम चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा थाने पर आयेंगे और आपको विधिवत आपकी भूमि से अतिक्रमण हटा कर देंगे लेकिन आज दिनांक 12.03.2026 हो गई है क्या जांच एक दिखावा थी जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक के साथ साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल की कार्यवाही भी संदेह के घेरे में है क्योंकि जिले में 27 फरवरी को मुख्यमंत्री माननीय मोहन यादव चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा आजाद की श्रद्धांजलि अर्पित करने आने वाले थे जिसके कारण यह जांच की नौटंकी जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा की गई

क्योंकि कार्यालय को यह डर था कि कही प्रताप पिता मोती मुख्यमंत्री को ज्ञापन ना दे पाए और जिले की बात जिले के पुलिस ऑफिसर द्वारा की गई बेइमानी एक गरीब युवक के साथ उसका पर्दाफास ना हो जाये आज इतने दिन बीतने के बाद भी ना ही दिव्यांग युवक प्रताप को उसकी कृषि भूमि मिली और ना ही उसके ऊपर से पुलिस ने किया अपना जबरन कब्जा हटाया और ना ही गलत तरीके से अतिक्रमण कर बिना अनुमति बिना बजट से लाखो रूपये ना जाने किस शराब ब्लेकरो और अवैध भैंसों के तस्करों से जबरन उगाही कर उससे तार जाली और पक्की दीवार का निर्माण करवाने वाले थाना प्रभारी शिवराम तरोले के खिलाफ कोई वैधानिक कार्यवाही नहीं की और ना ही वो कृषि भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया और आज भी पुलिस विभाग चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा में सांप की तरह कुंडली मार कर वर्दी की दादागरी से आज भी कब्जा करके बैठा है और कब्जा छोड़ने को भी तैयार नहीं ।जबकि धार जिले में एक विधायक की जमीन पर किए गए आम नागरिकों के कब्जे को यही पुलिस सैकड़ों पुलिस के साथ कब्जा हटाया जबकि आलीराजपुर जिले में खुद पुलिस अतिक्रमण करके बैठी है जिसके अवैध कब्जे को स्वयं पुलिस के द्वारा हटाने में पता नहीं कौन रोडा बना हुआ है । और इस मध्यप्रदेश में दो जिलों में अलग अलग कानून है विधायक की भूमि पर किया गया अवैध कब्जा अवैध है और यहां गरीब की भूमि पर किया गया अवैध कब्जा वैध कैसे हो सकता है ।।