दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा
देश में जन्मे अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के स्मारक आज भी अपेक्षा के शिकार ही होकर रह जाते है चाहे आजाद कुटिया का स्मारक हो या फिर नगर के अन्य स्मारक सभी अपेक्षा के शिकार है ।।।आजाद कुटिया में आजाद स्मारक देश दुनिया में विख्यात और प्रख्यात है लेकिन जब भी कोई पर्यटक नगर में इनकी कुटिया पहुंचता है तो वहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है ।। यहां एक कूलर की स्थापना करना चाहिए और जब से स्मारक का निर्माण हुआ है तक से आजाद कुटिया का साइन बोर्ड भी खराब हो चुका है जिसको भी बदल देना चाहिए ।उसके पश्चात राम मंदिर प्रांगण में स्थित आजाद की प्रतिमा वाला स्मारक निर्मात हुवे दो वर्ष बीत गए है

लेकिन आज भी वहां पिलरों पर लगने वाली लाइट का कोई अता पता नहीं आज भी हर पिलर पर लैंप लगाने वाले पिलरों पर लाइट के पाइप झाक रहे है लेकिन लैंप नहीं है वैसे ही अन्य स्मारक में भी उपेक्षा के शिकार है बस साल भर में चार बार याद किए जाते है ।जिसमें 15 अगस्त , 26 जनवरी , 23, जुलाई आजाद के जन्मदिन 27 फरवरी आजाद के बलिदान दिन बाकी दिनों में बस कुछ भी नहीं बस दिखावा जनता नगर की कुछ नहीं बोलती क्योंकि वह राजनेताओं और भ्रष्टाचारियों से उलझना नहीं चाहती।