रिपोर्टर-सुनील खोड़े
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पेटलावद। प्रचार प्रसार के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र और नगर की जनता भैरवनाथ मवेशी मेले का कब से इंतजार कर रही हैं। परंतु आज तक ना तो मेले में झूले लगे और ना ही सुचारू रूप से मेला शुरू हुआ। जबकि तिथि अनुसार पेटलावद भैरवनाथ मवेशी मेला अब तक पूजा पाठ कर शुरू हो जाना था परंतु न जाने कौन सा ग्रहण भैरवनाथ मवेशी मेले के बीच में हिलोरे मार रहा है। क्या नगर परिषद ओर किसी शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रही है। वैसे तो नगर की जनता के बीच धीरे-धीरे सारी बातें नगर में पहुंच रही है । जो कि अब चर्चा चौराहे की बन गई हैं। बताने वाले यह भी बताते हैं कि परिषद में काफी खींचतान चल रही है। चर्चा ऐसी भी है कि मेला संयोजक को भी जबरदस्ती जिम्मेदारी थोपी गई है। परंपरागत भैरवनाथ मवेशी मेले में आखिरकार इस तरह का उबाल क्यों आया

असमंजस की स्थिति हो रही निर्मित– नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है मेला लगेगा या नहीं यह प्रश्न भी जनता के मन में उठ रहा है क्योंकि जिस तरह से भैरवनाथ मवेशी मेल को लेकर उठा पटक और खींचतान चल रही हैं वह किसी से छुपी नहीं है। वर्षों पुरानी परंपरा और रीति-रिवाज का हो गया स्वाहा..?
जनता के हित में पार्षद ने उठाया मुद्दा वार्ड क्रमांक 8 पार्षद ममता गुजराती हमेशा से निस्वार्थ निर्भीक निष्पक्ष अपना पक्ष रखते हुए हमेशा जनता के हित और विकास कार्यों की ही बात करती हैं। इस बार भी जनता के लिए और जनता के हितों और सुरक्षा की दृष्टि से एक ऐसा मुद्दा उठाया है जो आम जनता के जीवन से जुड़ा हुआ है। जिसको लेकर पूर्व में ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पेटलावद को एक आवेदन सोपते हुए उन्होंने लगने वाले झूले चकरी आदि का फिटनेस बीमा और उससे संबंधित सभी दस्तावेज पूर्ण हो और अनुभवी लोगों द्वारा यहां पर झूला चकरी चलाई जाए