रिपोर्टर – सुनील खोड़े
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पेटलावद – अवैध शराब का बदनाम ब्लैकर बालकृष्ण उर्फ नन्नू जाटव अपराधों को इस कदर अंजाम दे रहा है कि पेटलावद थाने में ही इस अपराधी के खिलाफ 10 से अधिक मामले दर्ज है और अभी भी खुलेआम अवैध शराब के कारोबार को अंजाम दे रहा है।

ब्लैकर जाटव गलत रास्ते को चुनकर अवैध कारोबारों से मोटा पैसा कमाना चाहता है, इसलिए इन अपराधों को लगातार अंजाम दे रहा है। बालकृष्ण जाटव अंडे की दुकान की आड़ में कई कारनामे कर रहा है। बालकृष्ण जाटव अंडा मार्केटिंग से सीधे गीतांजलि मार्केटिंग की ओर चल पड़ा है गीतांजलि मार्केटिंग के नाम से लोगों को हजारों रुपए के लोन बाटकर उनसे मोटा ब्याज तो वसूल कर ही रहा है

लेकिन भोले-भाले लोगों को इनामी योजना के नाम पर गुमराह भी कर रहा है। बालकृष्ण पहले तो गरीब लोगों तक पहुंचता है और फिर उन्हें अपनी गीतांजलि मार्केटिंग की योजना बाताकर उन्हें लोन के नाम पर रुपए देता है और फिर उनसे ब्याज वसूल कर रहा है। वही लोन के साथ ही इनामी योजना का झांसा देकर भोले भाले लोगों को बड़े-बड़े इनाम दिखाकर उन्हें फसाने की जुगाड़ में है।

बड़ा सवाल यह है कि गीतांजलि मार्केटिंग के नाम से जो यह लोन कंपनी और इनामी योजना चला रहा है क्या वह वाकई नियमों के अनुसार है या फिर पूर्ण रूप से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।इसकी भी जाँच होना चाहिए गीतांजलि मार्केटिंग के नाम से बड़े पैमाने पर ब्लैकर बालकृष्ण के द्वारा प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है ताकि अशिक्षित और भोले भाले लोग इसके झांसे में आये और यह फिर उन्हें चुना लगा दे। अंडा मार्केटिंग से सीधे गीतांजलि मार्केटिंग का सफर बालकृष्ण के द्वारा कैसे तय किया गया?

आखिर भोले-भाले लोगों को लूटने की यह दुकान किसके संरक्षण में चल रही है? पुलिस प्रशासन को इस शराब के ब्लैकर पर नकल कसने की आवश्यकता है। क्योंकि एक तरफ तो यह नशे का जहर लोगों में घोल रहा है तो वहीं दूसरी ओर गरीब लोगों को ब्याज के तले दबा रहा है।
अगले अंक में जल्द पढ़े सारंगी कांड से जुड़े बालकृष्ण के तार.. ओर वो काली रात की कहानी..