रिपोर्टर-सुनील खोड़े
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पेटलावद। शिव की प्राप्ति तपस्या से होती है। आज आपके द्वारा तपस्या कर भगवान शिव को प्रसन्न किया गया है। आपकी तपस्या व्यर्थ नहीं जाएगी । भगवान शिव प्रसन्न होगें और हमारी सामाजिक समरसता को कोई नहीं बिगाड सकता है। कई ताकते हमें तोडने का प्रयास कर रही है किंतु आपकी एक जुटता और संस्कार उन ताकतों को पनपने नहीं देगी।

उक्त बात सेवा भारती द्वारा सोमवार को आयोजित कावड यात्रा में आये श्रद्वालुओं को बौद्धिक देते हुए तेजरामजी मांगरोदा, विभाग संचालक ,रतलाम ने कहीं।आगे उन्होंने कहा कि हिंदु राष्ट्र की रीढ़ की हड्डी है। इस के बिना इस राष्ट्र की कल्पना ही नहीं की जा सकती है।और जनजातीय समाज इस धर्म की रक्षा के लिए हमेशा खडा रहा है। इसके द्वारा समाज की रक्षा व सुरक्षा की जा रही है। जनजातीय समाज के कई बडे लोगों ने राष्ट्र के लिए अपना बलिदान भी दिया है। इन सब बातों को ध्यान में रख कर हमें एक रहना है और समाज के उत्थान के लिए कार्य करना है।कई कहानीयों और उदाहरण के माध्यम से जनजातीय समाज के सहयोग और उनकी रिती रिवाजों के बारे में बताया गया।

राष्ट्र रूपी कामधेनु से समाज का कल्याण होगा।
श्री मांगरोदा ने कहा कि ऋषि मुनियों ने तपस्या के द्वारा कामधेनु गाय को पाया तो लोगों ने उन्हें कहा कि इस कामधेनु गाय से आप सब कुछ पा सकते है। तो तपस्या क्यों कर रहे है। तो उन्होंने कहा कि हमारी तपस्या से ही कामधेनु गाय समाज के लिए उपयोगी है। इसी प्रकार हमारे राष्ट्र रूपी कामधेनु का हिंदु समाज के हित हो इसके लिए हम लोगों को ऋषियों के समान तपस्या करना होगी। और यह भगवान शिव के प्रति आस्था व श्रद्वा तथा जलाभिषेक यह हमारी तपस्या है।मंच पर महामंडलेश्वर भग्गापुरी जी महाराज, लक्ष्मण जी निनामा, कोमल जी निनामा, मांगुसिंह जी कटारा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र कटकानी ने किया और अंत में आभार प्रदर्शन पूर्णकालिक अमृतलाल भाबर ने माना।

2000 कावडियों ने किया जलाभिषेक।
सेवा भारती के द्वारा आयोजित कावड यात्रा में 15 किमी दूर लाडकी नदी से जल ले कर 2000 कावडियों ने पेटलावद के निलकंठेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। कावड यात्री भगवान शिव के जयकारों के साथ सुबह 10 बजे लाडकी नदी से निकले जो की ग्राम करडावद में पहुंचे जहां उनका स्वागत ग्रामीणों के द्वारा किया गया। इसके पश्चात कावड यात्रा नगर में पहुंची जहां पर नगर के सामाजिक संगठनों ने कावड यात्रा का स्वागत किया। जिसके पश्चात नगर भ्रमण कर कावड यात्रा निलकंठेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे जहां पर भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। इस मनोरम दृश्य को देख कर सभी अभीभुत हो गये। इसके पश्चात स्थानीय सुंदर गार्डन में बौद्धिक का आयोजन रखा गया। जहां सभी कावड यात्रीयों के लिए महाप्रसादी समरसता भोज का आयोजन रखा गया।