संवाददाता-@सुनील खोड़े
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महानगरों की तर्ज पर अब धीरे-धीरे पेटलावद शहर में भी भिखारीयो की संख्या में इजाफा होता दिखाई पड़ रहा है इसका ताजा उदाहरण श्रद्धांजलि चौक पर पिछले कई दिनों से 2 से 3 भिखारी भीख मांगते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। शहर के स्थानीय श्रद्धांजलि चौक पर पूरा दिन मंडराते रहते है जैसे ही किसी का वाहन जाकर किसी दुकान के आसपास खड़ा होता है वैसे ही तुरंत भिखारी मौजूदा वाहन के पास पहुंचकर तरह-तरह की दुहाईया देकर भीख मांगने लगते है। जबकि इंदौर जैसे शहर में बड़े-बड़े एनजीओ और प्रशासन मिलकर भीख मांगने वाले भिखारी पर पाबंदी के साथ-साथ उन्हें रहने खाने अच्छा कपड़ा पहनने जैसी तमाम सुविधा भी मुहैया करवाई जा रही है ताकि शहर के प्रमुख चौराहों पर भिखारी भीख ना मांगे इससे कहीं ना कहीं उस स्थान उस गांव उस शहर की छवि खराब होती है जहां पर भिखारी की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इस पर पाबंदी लगाने के लिए प्रशासन और एनजीओ को भी आगे आना होगा तभी जाकर भीख मांगने वाले भिखारी में कमी आएगी और उनका उद्धार होगा खबर लिखने का तात्पर्य यह नहीं है कि यदि आज इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में भीख मांगने वालों की संख्या मैं और बढ़ोतरी होगी और इसका जिम्मेदार कौन होगा