संवाददाता;@-सुनील खोड़े
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पेटलावद। किसानों के लिए रबी की फसल का सीजन पुरे वर्ष के लिए जीवन यापन का सेतु हैं।अभी जो समय हैं वह खेतों में गेंहू की बोवनी का हैं पंरतु चाय से ज्यादा केतली गर्म की तर्ज पर बिजली विभाग ने जो अघोषित हेल्पर छोड़ रखें हैं। वे ग्रामीण क्षेत्र की बिजली का सुचारू संचालन व्यवस्था के लिए वे अपने आप को बिजली विभाग का सुपर वाइजर बडा साहब समझ रहें हैं।

और किसानों से अवैध कमाई करने के उद्वेश्य से ट्रांसफार्मर में आए दिन छेड़खानी कर के बिजली सप्लाई को बाधित कर रहे हैं। क्षेत्र के किसान बिजली विभाग रायपुरिय के चक्कर लगा लगा कर थक चुके हैं और अपना सिर पकड़ कर बोवनी हुए खेतों को बेबसी ओर लाचारी भरी नजरों से टक-टकी लगाए देख खुन के आंसु रो रहा है। किसान ऐसे में क्या करें क्या ना करें असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

जिम्मेदारियां के बोझ तले दबा किसान आख़िर मजबुरीवस आत्महत्या के लिए मजबूर…… ग्राम पंचायत पांचपीपला , भुरीघाटी, के किसान बिजली विभाग की हठधर्मिता से खासी परेशान है किसान अपने खेतों में गेंहू की फ़सल बोवनी कर बैठे हैं अब किस के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी है

गेंहू को पानी कैसे पिलाया जाए बिजली विभाग अपने सेडयुल के हिसाब से भी किसानों को बिजली मुहैया करापाने में नाकाम साबित हो रहा है । और सेडयूल में जो बिजली दी जाती हैं वह भी इतनी कमजोर वाल्टेज की होती हैं कि इससे अच्छी चिमनी का उजियारा अधिक होता है कम वोल्टेज आने के कारण पानी की मोटरे जल जाती हैं। किसान मोटरे बंधवा कर लाते हैं खराब बिजली सप्लाई से फिर जल जाती हैं। किसान बिजली विभाग के रवैये से त्रस्त हो चुका हैं। सिर पर विधानसभा चुनाव है और ऐसी स्थिति में यदि किसानों के साथ बिजली सप्लाई को लेकर सौतेला व्यवहार किया जाएगा तो कैसे चल पाएगा यह एक बड़ा सवाल है जबकि मध्य प्रदेश सरकार तो बिजली पानी सड़क की संपूर्ण व्यवस्था कर रही है गांव गांव फलिया फलिया तक बिजली पहुंच चुकी है गांव में सड़कों का जाल बिछ चुका है।

मध्य प्रदेश विकास के स्वर्णिम स्थान पर है और ऐसी स्थिति में विद्युत मंडल के मठाधीश ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई कम देकर कहीं ना कहीं मध्य प्रदेश सरकार की छवि धूमिल करने में लगे हैं इस ओर तत्काल ध्यान देना होगा और किसानो की समस्याओं का समाधान करना होगा क्योंकि 5 वर्ष कांग्रेस के विधायक का राज रहा है परंतु उन्होंने किसानों के लिए कोई बड़ी सौगात नहीं दी और नाही क्षेत्र में कोई बड़ा विकास देखने को मिला है बस आम जनता की तरह किसानो की समस्या का समाधान करने के बजाय धरना प्रदर्शन आंदोलन करके अपने कर्तव्य की इति श्री करली
