शान ठाकुर, संवाददाता
पेटलावद – विधानसभा निर्वाचन 2023 को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा अवैध शराब और अवैध गतिविधियों को लेकर विशेष रूप से पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि चुनावी दौर में अभियान के रूप में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की जाए, क्योंकि चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए अवैध शराब का सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है और चुनाव का बिल्कुल बजते ही अवैध शराब का परिवहन और अवैध शराब परोसने का कारोबार जमकर शुरू हो चुका है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार झाबुआ जिले में पुलिस ओर आबकारी पुलिस पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रही है। इसमें कोई दोहराई नहीं है। अब तक जिले में करोड़ों रुपए की अवैध शराब पकड़ी जा चुकी है। जिसमें सबसे अधिक शराब पिटोल चौकी पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। राणापुर, थांदला, मेघनगर, सहित अन्य स्थानों पर लगातार पुलिस कार्रवाई कर रही है किंतु पेटलावद में पुलिस और आबकारी विभाग दूसरे स्थानो के मुकाबले पीछे छूट गया है, क्योंकि पेटलावद क्षेत्र में सबसे अधिक शराब का कारोबार संचालित हो रहा है, चारों दिशाओं में अवैध शराब परोसने का काम किया जा रहा है। बावजूद उसके पुलिस और आबकारी शराब पकड़ने में कुछ हद तक नाकाम साबित हो रही है। हालांकि शराब पकड़ने का सबसे अधिक काम होता है, आबकारी पुलिस का लेकिन आबकारी पुलिस भी अन्य स्थानों के मुकाबले पेटलावद में कोई ऐसी बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाई। जिससे चुनावी दौर में आबकारी विभाग के अधिकारियों की पीठ थपथपाई जा सके। यहां अवैध शराब तो पकड़ी गई किंतु इतनी नहीं जितनी होना चाहिए। कार्रवाई के नाम पर इतिश्री करने जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। जबकि बड़ी मात्रा में शराब सप्लाई हो रही है यहां तक की शराब की दुकानों से खुलेआम दो पहिया वाहन चार पहिया वाहन आदि माध्यमों से शराब का परिवहन हो रहा है। लेकिन फिर भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। पेटलावद चुनावी दौर में शराब पकड़ने की इस रेस में पीछे रह गया है। जहां जिले में करोड़ो रुपए की अवैध शराब से भरे कंटेनर पकड़े जा रहे हैं, तो पेटलावद में इक्का-दुक्का कार्रवाई की जा रही है। अब देखना होगा कि पेटलावद में पुलिस और आबकारी पुलिस कब तक एक बड़े आंकड़े को पार करेगी और अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी ?